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BJP विधायक के बेटे को केंद्र सरकार का वकील बनाने के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका स्वजातीय केंद्रीय मंत्री के रहते हुए नियुक्त

PATNA: पटना के कुम्हरार से बीजेपी के विधायक अरूण कुमार सिन्हा के बेटे आशीष सिन्हा को केंद्र सरकार ने पटना हाईकोर्ट में अपना वकील नियुक्त कर रखा है। उनकी नियुक्ति के खिलाफ हाईकोर्ट

BJP विधायक के बेटे को केंद्र सरकार का वकील बनाने के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका स्वजातीय केंद्रीय मंत्री के रहते हुए नियुक्त
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

PATNA: पटना के कुम्हरार से बीजेपी के विधायक अरूण कुमार सिन्हा के बेटे आशीष सिन्हा को केंद्र सरकार ने पटना हाईकोर्ट में अपना वकील नियुक्त कर रखा है। उनकी नियुक्ति के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गयी है। याचिका दायर करने वाले ने कहा कि केंद्र सरकार में कानून मंत्री के पद पर स्वजातीय मंत्री के आसीन होने के समय सत्तारूढ़ पार्टी के विधायक के बेटे को सरकारी वकील बनाना गलत है।


दरअसल इसी साल 21 जनवरी को केंद्र सरकार ने बीजेपी विधायक अरूण कुमार सिन्हा के बेटे आशीष सिन्हा को पटना हाईकोर्ट में अपना वकील नियुक्त किया था. आशीष सिन्हा खुद भी बीजेपी से जुड़े रहे हैं. अब पटना हाईकोर्ट में दायर याचिका में कहा गया है कि इस नियुक्ति में सीधे-सीधे पक्षपात नजर आ रहा है. आशीष सिन्हा बीजेपी के विधायक के बेटे हैं. जब उनकी नियुक्ति की गयी उस समय के केंद्रीय कानून मंत्री उनके स्वजातीय हैं और सब एक ही राजनीतिक पार्टी से जुड़े हैं.


नियमों की अनदेखी कर हुई नियुक्ति

हाईकोर्ट में दायर याचिका में कहा गया है कि आशीष सिन्हा हाईकोर्ट में एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड भी नहीं हैं. फिर भी उन्हें केंद्र सरकार का वकील नियुक्त किया गया. रिट दायर करने वाले ने कहा है कि इस नियुक्ति में कोर्ट के आदेशों की ही अवहेलना की गयी है. 


पटना हाईकोर्ट की खण्डपीठ ने दिनेश बनाम केंद्र सरकार और अन्य के मामले में सरकारी वकीलों की नियुक्ति को लेकर आदेश जारी किये थे. उसका उल्लंघन किया गया है. वहीं संविधान के अनुच्छेद 12 में दी गई परिभाषा के मुताबिक भी नियुक्ति नहीं की गई है. इसमें स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि सरकारी वकील की नियुक्ति से पहले हाईकोर्ट से परामर्श लिया जाना है. 


हाईकोर्ट में दायर याचिका में कहा गया है कि केंद्र सरकार करदाताओं के पैसे का इस्तेमाल गलत तरीके से नहीं कर सकती. याचिका दायर करने वाले ने सवाल किया है कि केंद्र सरकार सरकारी वकील या विधि पदाधिकारी की नियुक्ति में किसी गाइडलाइन का पालन करती है या नहीं. क्या नियुक्ति के समय कुछ औऱ चीजें देखी जाती है. 


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Jitendra Vidyarthi

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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