ब्रेकिंग
खान सर की अग्रिम जमानत पर सुनवाई पूरी, कोर्ट इस दिन सुनाएगा फैसला; मिलेगी राहत या जाएंगे जेल?Bihar News : बांकीपुर उपचुनाव: बूथ अध्यक्ष से विधानसभा उम्मीदवार तक पहुंचे अभिषेक बंटी, बीजेपी ने साधारण कार्यकर्ता पर जताया भरोसाBihar News : बिहार में PhD के नियम बदल गए! अब 7.5 CGPA वालों को बिना मास्टर मिलेगी सीधी एंट्रीBihar News : बिहार को मिली बड़ी सौगात! सुपौल से दरभंगा के बीच बनेगा नया नेशनल हाईवे, इन जिलों की बदल जाएगी तस्वीरBihar News: TRE 4 अभ्यर्थियों के लिए खुशखबरी! 25 जुलाई तक BPSC को जाएगी अधियाचना, भर्ती प्रक्रिया होगी तेजखान सर की अग्रिम जमानत पर सुनवाई पूरी, कोर्ट इस दिन सुनाएगा फैसला; मिलेगी राहत या जाएंगे जेल?Bihar News : बांकीपुर उपचुनाव: बूथ अध्यक्ष से विधानसभा उम्मीदवार तक पहुंचे अभिषेक बंटी, बीजेपी ने साधारण कार्यकर्ता पर जताया भरोसाBihar News : बिहार में PhD के नियम बदल गए! अब 7.5 CGPA वालों को बिना मास्टर मिलेगी सीधी एंट्रीBihar News : बिहार को मिली बड़ी सौगात! सुपौल से दरभंगा के बीच बनेगा नया नेशनल हाईवे, इन जिलों की बदल जाएगी तस्वीरBihar News: TRE 4 अभ्यर्थियों के लिए खुशखबरी! 25 जुलाई तक BPSC को जाएगी अधियाचना, भर्ती प्रक्रिया होगी तेज

बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार नहीं हैं बड़े भाई ? विस में बढ़ी BJP विधायक की संख्या

PATNA : केंद्र की राजनीति में भले ही नीतीश कुमार किंग मेकर की भूमिका में हैं। लेकिन, बिहार की राजनीति में अब नीतीश कुमार बड़े भाई के रोल में नहीं हैं।दरअसल, बिहार

बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार नहीं हैं बड़े भाई ? विस में बढ़ी BJP विधायक की संख्या
Tejpratap
Tejpratap
2 मिनट

PATNA : केंद्र की राजनीति में भले ही नीतीश कुमार किंग मेकर की भूमिका में हैं। लेकिन, बिहार की राजनीति में अब नीतीश कुमार बड़े भाई के रोल में नहीं हैं।


दरअसल, बिहार विधानसभा और विधान परिषद में बड़ा भाई बनने के साथ ही बीजेपी की हनक बढ़ गई है। विधानसभा में भाजपा के पास सर्वाधिक 78 विधायक हैं। वहीं दूसरे नंबर पर राजद है। 77 विधायकों के साथ राजद दूसरी एवं जदयू 44 विधायकों के साथ तीसरी बड़ी पार्टी है।


मालुम हो कि विधानसभा में 78 विधायक एवं विधान परिषद में 24 सदस्यों की संख्या होने के साथ ही दोनों सदन के शीर्ष पद पर भाजपा का कब्जा हो गया है।


आपको बताते चलें कि लोकसभा चुनाव में राजद के तीन विधायकों के सांसद बनने और विधानसभा से त्यागपत्र देने के बाद राजद ने बड़ी पार्टी की हैसियत खो दी है। अब दोनों सदनों में भाजपा ही सिरमौर है। दोनों सदनों के आसन पर भी भाजपा विराजमान है और बड़ी पार्टी के रूप में सदन में अधिक समय का हकदार बन गई है।