ब्रेकिंग
पुलिस हेडक्वार्टर के सामने युवक की लाश मिलने से सनसनी, शव की पहचान करने में जुटी पुलिस धान खरीद में अनियमितता को लेकर EOU की जांच तेज, प्रशासनिक महकमे में मचा हड़कंपहोम्योपैथिक क्लिनिक की आड़ में चल रहा था अवैध स्प्रिट का काला खेल, उत्पाद विभाग संचालक को किया गिरफ्तारखराब सड़क-पुल पर ठेकेदारों की खैर नहीं, 82 अधिकारियों की टीम करेगी जांचKISHANGANJ: ठाकुरगंज में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा: 4.04 लाख की निकासी पर घमासान, कागजों पर बनी सड़क, जमीन पर गायबपुलिस हेडक्वार्टर के सामने युवक की लाश मिलने से सनसनी, शव की पहचान करने में जुटी पुलिस धान खरीद में अनियमितता को लेकर EOU की जांच तेज, प्रशासनिक महकमे में मचा हड़कंपहोम्योपैथिक क्लिनिक की आड़ में चल रहा था अवैध स्प्रिट का काला खेल, उत्पाद विभाग संचालक को किया गिरफ्तारखराब सड़क-पुल पर ठेकेदारों की खैर नहीं, 82 अधिकारियों की टीम करेगी जांचKISHANGANJ: ठाकुरगंज में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा: 4.04 लाख की निकासी पर घमासान, कागजों पर बनी सड़क, जमीन पर गायब

बिहार विधान परिषद में अंग्रेजी पर उखड़ गये नीतीश: कहा-हिन्दी को एकदम खत्म कर दीजियेगा क्या?

PATNA: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज बिहार विधान परिषद में अंग्रेजी पर हत्थे से उखड़ गये। उन्होंने सभापति देवेश चंद्र ठाकुर से पूछा-एकदम हिन्दी को खत्म कर दीजियेगा क्या? इससे

बिहार विधान परिषद में अंग्रेजी पर उखड़ गये नीतीश: कहा-हिन्दी को एकदम खत्म कर दीजियेगा क्या?
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

PATNA: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज बिहार विधान परिषद में अंग्रेजी पर हत्थे से उखड़ गये। उन्होंने सभापति देवेश चंद्र ठाकुर से पूछा-एकदम हिन्दी को खत्म कर दीजियेगा क्या? इससे पहले नीतीश कुमार किसानों के सम्मेलन में एक किसान के अंग्रेजी बोलने पर भी गर्म हो गये थे।


क्यों उखड़ गये नीतीश?

दरअसल बिहार विधान परिषद में एक डिस्प्ले बोर्ड लगा है. उसमें सदन में हो रही कार्यवाही की जानकारी दी जाती है. किस सदस्य को बोलना है, किसे कितना देर बोलना है. ये सारी जानकारी डिस्प्ले बोर्ड पर चलती रहती है. नीतीश कुमार सोमवार की दोपहर विधान परिषद के अंदर घुसे तो उनकी नजर डिस्प्ले बोर्ड पर पड़ी. वहां अंग्रेजी में जानकारी दी जा रही थी. इसके बाद नीतीश कुमार उखड़ गये।


 उन्होंने सभापति से कहा- “डिस्प्ले बोर्ड पर क्या लिखे हुए हैं. ऑनरेबुल लिख दिये हैं. क्या मतलब है साहब. स्पीकिंग टाइम लिखा हुआ है. इ सब का क्या अर्थ है. बिहार में इस तरह से क्यों लिखते हैं. काहे के लिए चलवाये हैं इ सब, फालतू चीज है. इसको ठीक कराइये. सब हिन्दी में रहना चाहिये. देखिये न, फिर अंग्रेजी में ही लिखे हुए हैं. एकदम हिन्दी को खत्मे कर दीजियेगा क्या. बताइये, इ सब ठीक कराइये.”


मुख्यमंत्री गर्म थे और आसन पर बैठे सभापति देवेश चंद्र ठाकुर को जवाब नहीं सूझ रहा था. वे बार बार कह रहे थे कि ठीक कर लिया जायेगा. हिन्दी में अपलोड हो जायेगा. सभापति ने कम से कम पांच बार कहा कि ये ठीक हो जायेगा।


बता दें कि इससे पहले भी अंग्रेजी पर नीतीश गर्म हो गये थे. कृषि रोड मैप को लेकर राज्य सरकार ने पटना में किसानों का सम्मेलन बुलाया था. उसमें एक किसान ने अंग्रेजी में बोलना शुरू किया तो नीतीश मंच से ही उस पर गर्म हो गये. उन्होंने कहा कि बिहार में अंग्रेजी में भाषण नहीं चलेगा. एम.बी.ए पास कर खेती करने किसान को अंग्रेजी में भाषण रोक कर हिन्दी में बोलना पड़ा था। 

इस खबर के बारे में

रिपोर्टर / लेखक

Jitendra Vidyarthi

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

संबंधित खबरें