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विधान परिषद चुनाव में JDU की दुर्दशा: ललन सिंह, संजय झा, अशोक चौधरी बुरी तरह फेल

PATNA: बिहार में आज आए विधान परिषद चुनाव परिणाम में सबसे ज्यादा दुर्गति नीतीश कुमार की पार्टी JDU की हुई है. 11 सीटों पर मैदान में उतरी जदयू को सिर्फ पांच सीटों पर जी

विधान परिषद चुनाव में JDU की दुर्दशा: ललन सिंह, संजय झा, अशोक चौधरी बुरी तरह फेल
Jitendra Vidyarthi
4 मिनट

PATNA: बिहार में आज आए विधान परिषद चुनाव परिणाम में सबसे ज्यादा दुर्गति नीतीश कुमार की पार्टी JDU की हुई है.     11 सीटों पर मैदान में उतरी जदयू को सिर्फ पांच सीटों पर जीत हासिल हुई. लेकिन सबसे खास बात रही JDU के दिग्गज नेताओं की फजीहत. पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह, नीतीश के किचन कैबिनेट के मेम्बर और मंत्री संजय झा और अशोक चौधरी जैसे नेताओं के क्षेत्र में जदयू की बेहद बुरी हालत हुई.


ललन सिंह की सारी रणनीति फेल

विधान परिषद के इस चुनाव में अगर किसी नेता को सबसे करारा झटका लगा है तो वे हैं JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह. ललन सिंह के संसदीय क्षेत्र से JDU का सूपड़ा साफ हो गया है. दरअसल ललन सिंह के संसदीय क्षेत्र में विधान परिषद की दो सीट आती हैं. मुंगेर के साथ साथ पटना MLC क्षेत्र का एक हिस्सा. मुंगेर विधान परिषद क्षेत्र से पिछले चुनाव में RJD के संजय प्रसाद जीते थे. लेकिन 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में ललन सिंह संजय प्रसाद को अपने पाले में ले आये. ललन सिंह की सिफारिश पर संजय प्रसाद को 2020 के विधान सभा चुनाव में JDU का टिकट मिला, लेकिन वे हार गए. 


विधान परिषद के मौजूदा चुनाव में संजय प्रसाद को JDU ने मुंगेर क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया. इस क्षेत्र में मुंगेर के साथ साथ जमुई, लखीसराय और शेखपुरा जिले आते हैं. ये वही इलाका है जो JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह का गढ़ माना जाता है. अपने गढ़ में अपने खास उम्मीदवार संजय प्रसाद की जीत के लिए ललन सिंह लगातार रणनीति बना रहे थे. लेकिन संजय प्रसाद राजद के उम्मीदवार अजय सिंह से बुरी तरह हारे. दिलचस्प बात ये भी है कि अजय सिंह को ललन सिंह का कट्टर विरोधी माना जाता है.


ललन सिंह की रणनीति सिर्फ मुंगेर में फेल नहीं हुई. उनके संसदीय क्षेत्र का एक हिस्सा पटना जिले में आता है. मोकामा और बाढ़ जैसे इलाके ललन सिंह के क्षेत्र मुंगेर में ही आते हैं. मोकामा के विधायक अनंत सिंह से ललन सिंह के रिश्ते भी जगजाहिर हैं. विधान परिषद के इस चुनाव में अनंत सिंह ने ही अपने करीबी कार्तिक मुखिया को RJD का उम्मीदवार बनवाया था. कार्तिक सिंह चुनाव जीत भी गए. पटना विधान परिषद क्षेत्र में तो JDU के उम्मीदवार वाल्मीकि सिंह तीसरे नंबर पर रहे. 


संजय झा के क्षेत्र का हाल 

JDU के एक और प्रमुख नेता संजय झा के क्षेत्र में तो पार्टी की हालत बिहार में सबसे खराब रही. संजय झा मधुबनी जिले से आते हैं. विधान परिषद चुनाव में पार्टी ने उन्हे उसी क्षेत्र काi प्रभारी भी बनाया था. लेकिन बिहार में मधुबनी एकमात्र क्षेत्र रहा जहाँ JDU के उम्मीदवार चौथे नंबर पर रहे. मधुबनी में JDU को इज्जत बचाने लायक भी वोट नहीं मिले.


JDU के एक और प्रमुख नेता और नीतीश कुमार के किचन कैबिनेट के मेंबर माने जाने वाले अशोक चौधरी बिहार के शेखपुरा जिले से सियासत करते रहे हैं. उनके पिता सी लेकर अशोक चौधरी खुद वहाँ से विधायक रह चुके हैं. शेखपुरा जिला मुंगेर विधान परिषद क्षेत्र के अंदर आता है.वहाँ से  JDU  उम्मीदवार संजय प्रसाद बुरी तरह चुनाव हारे.

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