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12 प्रकार के जमीन दस्तावेज घर बैठे ONLINE निकाले, मंत्री ने किया आश्वस्त..भूमि सर्वे से रैयतों को घबराने की जरूरत नहीं, अब OFFLINE लगान रसीद भी मान्य

PATNA: जमीन सर्वे का काम 20 अगस्त 2024 से जारी है लेकिन इससे ना तो लोगों को चिंतित होना है और ना ही किसी भी प्रकार से घबराना है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग रैयतों की समस्याओं

12 प्रकार के जमीन दस्तावेज घर बैठे ONLINE निकाले, मंत्री ने किया आश्वस्त..भूमि सर्वे से रैयतों को घबराने की जरूरत नहीं, अब OFFLINE लगान रसीद भी मान्य
Jitendra Vidyarthi
4 मिनट

PATNA: जमीन सर्वे का काम 20 अगस्त 2024 से जारी है लेकिन इससे ना तो लोगों को चिंतित होना है और ना ही किसी भी प्रकार से घबराना है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग रैयतों की समस्याओं से अवगत है और उनके समाधान के लिए पूरी तरह सजग और तत्पर है। बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने यह बातें कही। 


शनिवार को मंत्री जायसवाल से मिलने के लिए कई जमीन मालिक पहुंचे थे। उनकी समस्याओं को सुनने के बाद उन्होंने आश्वस्त किया कि किसी भी तरह उन्हें कोई परेशानी नहीं होगी इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है। भूमि सर्वेक्षण के संबंध में सबसे बड़ी समस्या जो सुनने में आ रही है खतियान, जमाबंदी पंजी, लगान-रसीद जैसे राजस्व अभिलेखों के लिए लोग अंचल समेत विभिन्न राजस्व कार्यालयों का चक्कर लगा रहे हैं। जबकि इस तरह के दस्तावेज डिजिटली ऑनलाइन उपलब्ध हैं। 


राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री डॉ.दिलीप कुमार जायसवाल ने जमीन मालिकों से कहा कि आप अपने मोबाइल या लैपटॉप से विभाग के वेबसाइट पर जाकर कई प्रकार के दस्तावेज देख सकते हैं। बस उन्हें प्रिंट कीजिए और स्वघोषणा के साथ निदेशालय की वेबसाइट पर अपलोड कर दीजिए। अगर आपके पास कागजात कम हैं या आधे-अधूरे हैं तो भी स्वघोषणा से नहीं चूकें। 


उन्होंने यह भी कहा कि स्वघोषणा के लिए अभी कोई कट ऑफ डेट निर्धारित नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि विभाग ने करीब 16 करोड़ राजस्व दस्तावेजों को डिजिटाइज करा ऑनलाइन कर दिया है। इसमें करीब 35 हजार गांवों का खतियान भी शामिल है। इनकी मदद से आपको अपने पूर्वजों द्वारा धारित जमीन के संबंध में जानकारी मिल सकती है। ये सभी मुफ्त में ऑनलाइन उपलब्ध है। भूमि सर्वे के लिए लगान रसीद भी ऑनलाइन या अद्यतन आवश्यक नहीं है। पूर्व की ऑफलाइन रसीद भी पूरी तरह से मान्य है। 


दिलीप जायसवाल ने यह भी कहा कि वंशावली को लेकर कई प्रकार की भ्रांतियां हैं। मैं एक बार फिर स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि वंशावली आपको खुद से बनानी है। इसके लिए किसी भी व्यक्ति या कार्यालय में जाने की जरूरत नहीं है। ना ही किसी से उसे सत्यापित कराने की आवश्यकता है। सादे कागज पर अपनी वंशावली बनाएं और उसे स्वघोषणा के साथ संलग्न करें। यह पूरी तरह मान्य है। 


कोई भी व्यक्ति 12 प्रकार के राजस्व दस्तावेजों की डिजिटली हस्ताक्षरित प्रति भी ऑनलाइन प्राप्त कर सकता है। इसके लिए आपको सरकार को मामूली शुल्क का भुगतान करना होगा। यह भुगतान भी ऑनलाइन करना है। अर्थात ये दस्तावेज आपको घर बैठे प्राप्त हो सकता है। इसके लिए विभाग के वेबसाइट biharbhumi.bihar.gov.in पर जाकर भू-अभिलेख पोर्टल को क्लिक करना होगा। 


जिन 12 प्रकार के दस्तावेजों को भू अभिलेख पोर्टल bhuabhilekh.bihar.gov.in से ऑनलाइन प्राप्त किया जा सकता उनके नाम हैंः- कैडस्ट्रल खतियान, रिविजनल खतियान, जमाबंदी पंजी प्रति, दाखिल खारिज वाद अभिलेख, राजस्व मानचित्र, दाखिल-खारिज पंजी, बंदोबस्ती अभिलेख, चकबंदी अभिलेख, भू-अर्जन अभिलेख, सीलिंग पंजी, लगान निर्धारण अभिलेख और मापी वाद अभिलेख है। जिसे भू-अभिलेख पोर्टल से डाउनलोड किया जा सकता है।