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नीतीशराज में शराब के नाम पर गरीबों पर जुल्म की इंतहा देखिये: डॉक्टर-पुलिस ने कागज पर फूंक मरवायी और लिख दिया-ये शराबी है

PATNA: शराबबंदी वाले बिहार में किसी गरीब आदमी ने शराब पी रखी है या नहीं, इसकी जांच का सबसे नायाब तरीका देखिये. पुलिस के साथ साथ सरकारी अस्पताल के डॉक्टर ने उस आदमी से कागज पर

नीतीशराज में शराब के नाम पर गरीबों पर जुल्म की इंतहा देखिये: डॉक्टर-पुलिस ने कागज पर फूंक मरवायी और लिख दिया-ये शराबी है
Jitendra Vidyarthi
4 मिनट

PATNA: शराबबंदी वाले बिहार में किसी गरीब आदमी ने शराब पी रखी है या नहीं, इसकी जांच का सबसे नायाब तरीका देखिये. पुलिस के साथ साथ सरकारी अस्पताल के डॉक्टर ने उस आदमी से कागज पर फूंक मरवाया. उसे सूंघा और सर्टिफिकेट बना दिया कि ये शराबी है. पुलिस ने एक नहीं बल्कि गरीब तबके से आने वाले 9 लोगों को इसी सर्टिफिकेट के आधार पर जेल भेज दिया.


बिहार में शराब के नाम पर सरकारी फर्जीवाड़े का वीडियो वायरल हो गया है. ये वीडियो पूर्वी चंपारण जिले के रक्सौल अनुमंडलीय अस्पताल का है. घटना के संबंध में जो जानकारी मिल रही है उसके मुताबिक रक्सौल पुलिस ने 11 लोगों को शराब पीने के आरोप में पकड़ा था. उन लोगों को मेडिकल जांच के लिए हथकड़ी पहनाकर रक्सौल अनुमंडल अस्पताल लाया गया. हॉस्पीटल के डॉक्टर ने ऐसे ही जांच की और 9 लोगों के शराब पीने की पुष्टि कर दी. 


ये वाकया दो दिन पहले का बताया जा रहा है. रक्सौल अस्पताल में ना तो ब्रेथ एनालाइजर है और ना ही ब्ल़ड में अल्कोहल मापने का कोई साधन. ऐसे में डॉक्टरों ने अपना जुगाड़ लगाया. बता दें कि इस जुगाड़ की कहीं कोई कानूनी मान्यता नहीं है. लेकिन पुलिस ने 9 लोगो को इसी जुगाड़ सर्टिफिकेट के आधार पर जेल भेज दिया. 


मीडिया ने जब इस हैरान कर देने वाले जांच के रक्सौल अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ राजीव रंजन से सवाल पूछा तो उन्होंने बताया कि ब्रेथ एनालाइजर या फिर शराब की पुष्टि करने का कोई संसाधन हमारे यहां उपलब्ध नहीं है. उधर, रक्सौल थाना के इंस्पेक्टर नीरज कुमार ने बताया की थाने में दिया गया ब्रेथ एनलाइजर खराब हो गया है. इसलिए अस्पताल में अल्कोहल जांच के लिए भी भेजा गया था. इंस्पेक्टर ने कहा कि थाने का ब्रेथ एनालाइजर अब बन गया है. 


बता दें कि रक्सौल भारत-नेपाल सीमा पर अवस्थित है. पुलिस नेपाल से आने वाले लोगों को शराब पीने के जुर्म में पकड़ती है. फिर उन्हें कैसे जेल भेजा जाता है, इसकी पोल अब खुली है. दो दिन पहले भी पुलिस ने 11 लोगों को शराब पीने के आरोप में पकड़ा था, जिनकी जांच ऐसे की गयी. अब इस मामले का वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग के हाथ पैर फूल रहे हैं. पूर्वी चंपारण के सिविल सर्जन डा अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि अस्पताल में कागज के कूपे से शराबियों की जांच के मामले की जांच के लिए जांच कमेटी गठित की गयी है. जांच रिपोर्ट आने के बाद उचित कार्रवाई होगी.