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हिजाब विवाद: डॉक्टर नुसरत को झारखंड में नहीं मिलेगी नौकरी, हेमंत सरकार ने इरफान अंसारी के ऑफर से पल्ला झाड़ा

Hizab Vivad: बिहार के सीएम नीतीश कुमार द्वारा डॉक्टर नुसरत परवीन का हिजाब खींचने के मामले ने राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया। झारखंड के मंत्री इरफान अंसारी ने नुसरत को नौकरी का ऑफर दिया, जबकि JMM ने इसे अस्वीकार किया।

Hizab Vivad
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Mukesh Srivastava
2 मिनट

Hizab Vivad: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा डॉक्टर नुसरत परवीन का हिजाब खींचने के मामले ने झारखंड की सियासत को भी गर्मा दिया है। यह घटना तब हुई जब मुख्यमंत्री नई भर्ती हुए आयुष डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र बाँट रहे थे। घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई। विपक्ष ने मुख्यमंत्री की मानसिकता पर सवाल उठाए और कार्रवाई की मांग की। कई मुस्लिम संगठनों ने इस मामले में FIR भी दर्ज करवाई है।


झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने इस मामले में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने निर्णय लिया है कि यदि किसी के साथ ऐसा अन्याय होता है, तो वह आगे आएंगे। उन्होंने कहा, “अगर ऐसी कोई लड़की झारखंड आती है, तो मैं उसका स्वागत करूंगा। उसे सरकारी नौकरी, मनचाही पोस्टिंग, 3 लाख रुपये सैलरी और सरकारी फ्लैट दूंगा। हम जातिगत भेदभाव बर्दाश्त नहीं करेंगे और किसी के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।”


हालांकि, झारखंड की मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पार्टी JMM इस मामले से सहमत नहीं है। JMM प्रवक्ता मनोज पांडे ने कहा कि यह मंत्री इरफान अंसारी का निजी बयान है और सरकार की तरफ से ऐसा कोई आदेश नहीं है। उन्होंने कहा कि 3 लाख रुपये की नौकरी मंत्री स्तर पर प्रदान करना संभव नहीं है।


मनोज पांडे ने बिहार के मुख्यमंत्री पर भी हमला किया और कहा कि यह मंच पर महिलाओं के अपमान की तीसरी या चौथी घटना है। उन्होंने पूछा कि BJP ऐसी सोच वाले व्यक्ति को मुख्यमंत्री क्यों बनाए हुए है और इसे शर्मनाक बताया। इस विवाद ने बिहार और झारखंड दोनों राज्यों में राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। विपक्ष और विभिन्न संगठनों की प्रतिक्रिया के बीच मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है।

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FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता