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सुशासन बाबू के मंत्री ने खोली पुलिस की पोल, IG को फोन कर मदन सहनी ने कहा- दोषी है थानेदार

MUZAFFARPUR: बिहार सरकार के मंत्री मदन सहनी आज मुजफ्फरपुर पहुंचे थे। मुजफ्फरपुर के सिवाईपट्टी थाना क्षेत्र में एक श्राद्ध कर्म के दौरान अवैध शराब को लेकर पुलिस ने छापेमारी की।

सुशासन बाबू के मंत्री ने खोली पुलिस की पोल, IG को फोन कर मदन सहनी ने कहा- दोषी है थानेदार
Jitendra Vidyarthi
5 मिनट

MUZAFFARPUR: बिहार सरकार के मंत्री मदन सहनी आज मुजफ्फरपुर पहुंचे थे। मुजफ्फरपुर के सिवाईपट्टी थाना क्षेत्र में एक श्राद्ध कर्म के दौरान अवैध शराब को लेकर पुलिस ने छापेमारी की। इस दौरान परिवार के कई सदस्यों की पुलिस ने पिटाई कर दी। इसमें कई महिलाएं भी शामिल थी जो पिटाई से घायल हो गयी। जिन्हें इलाज के लिए मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच में भर्ती कराया गया। इस मामले में पुलिस ने उल्टे सरकारी काम में बाधा डालने का केस दर्ज किया। जिसके बाद पीड़ित परिवार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों को आवेदन दिया और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की। लेकिन आवेदन देने के बाद भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गयी। पीड़ित परिवार में मंत्री मदन सहनी से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगायी। 


मदन सहनी ने मुजफ्फरपुर के रेंज आईजी पंकज सिन्हा को कॉल लगाया और कहा कि जो भी तस्वीर दिखाई गई है और जो आवेदन में दर्शाया गया है। इससे यह साफ साबित होता है कि स्थानीय थानेदार इस मामले में दोषी है। इस तरह से बर्बरतापूर्ण पिटाई कहीं से भी उचित नहीं है। इसकी जांच कर दोषी पुलिस पदाधिकारी और थानेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाए। जिसके बाद आईजी ने मंत्री जी को हर संभव उचित जाँच कर कठोर कार्रवाई का भरोसा दिलाया। 

पत्रकारों के सवाल पर बिहार सरकार के मंत्री मदन सहनी ने कहा कि पीड़ित परिवार के द्वारा जितने भी साक्ष्य दिए गए हैं उससे यह प्रतीत होता है कि स्थानीय थानेदार इसके दोषी हैं और इतनी बर्बरता पूर्ण पिटाई किसी को भी प्रशासन की तरफ से नहीं करनी चाहिए यह गलत है इसके लिए मुजफ्फरपुर के रह जाएगी को निर्देशित किया गया है कि जांच कर संबंधित दोषी पदाधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो। 


गौरतलब है कि 22 अप्रैल की रात पुलिस ने अवैध शराब के मामले को लेकर छापेमारी करने पहुंची थी और इस दौरान महिलाओं के साथ साथ बच्चे और घर के पुरुषों को पीटा गया था। महिला समेत करीब 8 लोगों को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। इस मामले को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ पीड़ित परिवार संबंधित जिले के वरीय अधिकारियों से कई बार मिले लेकिन न्याय नहीं मिली। अचानक मुजफ्फरपुर पहुंचे बिहार सरकार के मंत्री मदन सहनी से फरियाद लगाने पहुंचे पीड़ित परिवार की बातों को सुनने के बाद मंत्री मदन सहनी ने तुरंत मुजफ्फरपुर रेंज के आईजी को कॉल लगाया। इस पूरी घटना की जानकारी आईजी को दी गयी। मदन सहनी ने दोषी पुलिस पदाधिकारियों पर कार्रवाई करने की बात कही। 


पूरे मामले से अवगत कराया और कहा कि जिस तरह से बर्बरता पूर्ण पिटाई हुई है इससे यह साफ जाहिर है कि इस मामले में स्थानीय थानेदार दोषी है इस तरह से प्रशासन के लोगों को किसी को भी पीटने का अधिकार नहीं है इस पर जांच कर संबंधित लोगों और पदाधिकारियों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए जिसके बाद आईजी ने हर संभव कार्रवाई का भरोसा दिलाया बिहार सरकार के मंत्री का निर्देश सुशासन बाबू के पुलिस लेती है क्या पीड़िता को न्याय मिलता है या फिर ठोकर खाने को मजबूर रहती है या तो आने वाला वक्त ही बताएगा फिलहाल पीड़ित परिवार को एक उम्मीद की किरण जगी है। 


वहीं दूसरी ओर बिहार के पंच सरपंच संघ के जिलाध्यक्ष मनोज सिंह ने यह फिर से चेतावनी दी है कि अगर दोषी अधिकारियों और पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती है और पीड़िता को न्याय नहीं मिलता है तो ऐसे में आने वाले समय में अब उग्र आंदोलन होगा इसकी जवाबदेही भी प्रशासन की ही होगी।


बता दें कि इस मामले को लेकर पूर्व मंत्री मुकेश सहनी, सभापति देवेश चंद्र ठाकुर, लोजपा सुप्रीमो चिराग पासवान के साथ-साथ कई नेता आए थे और सभी को मुजफ्फरपुर के प्रशासन ने हर संभव उचित जांच का भरोसा दिया था लेकिन अब तक किसी तरह के ठोस कार्रवाई स्थानीय पुलिस पर नहीं हुई अब देखना होगा कि बिहार सरकार के मंत्री का निर्देश कितना रंग लाता है।



रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

MANOJ KUMAR

FirstBihar संवाददाता