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मुखिया प्रत्याशी को भारी पड़ गयी भैंस की सवारी, पशु क्रूरता अधिनियम के तहत केस हुआ दर्ज

MADHEPURA: भैंस पर सवार होकर अपना नॉमिनेशन करना एक मुखिया प्रत्याशी को काफी महंगा पड़ गया। अनुमंडल पदाधिकारी के आदेश पर प्रखंड निर्वाची पदाधिकारी ने पशु क्रूरता अधिनियम के तहत

मुखिया प्रत्याशी को भारी पड़ गयी भैंस की सवारी, पशु क्रूरता अधिनियम के तहत केस हुआ दर्ज
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

MADHEPURA: भैंस पर सवार होकर अपना नॉमिनेशन करना एक मुखिया प्रत्याशी को काफी महंगा पड़ गया। अनुमंडल पदाधिकारी के आदेश पर प्रखंड निर्वाची पदाधिकारी ने पशु क्रूरता अधिनियम के तहत कुमारखंड थाने में उक्त प्रत्याशी के खिलाफ केस दर्ज कराया।


गौरतलब है कि पंचायत चुनाव के छठे चरण के लिए मधेपुरा के कुमारखंड में 6 अक्टूबर को नॉमिनेशन के दौरान मुखिया प्रत्याशी अशोक मेहता भैंस पर सवार होकर अपने समर्थकों के साथ प्रखंड निर्वाचन कार्यालय तक आए थे। भैंस पर बैठे मुखिया प्रत्याशी को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। समर्थक जिन्दाबाद के नारों लगाने लगे।


इस दौरान नामांकन केंद्र के आस-पास काफी भीड़ देखी गयी। नामांकन के दौरान नेताजी ने एक तरफ आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया तो दूसरी तरफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धज्जियां उड़ा कर रख दी। इस दौरान भैंस पर बैठे प्रत्याशी को देख मीडिया भी पहुंच गयी थी। 


भैंस पर नॉमिनेशन करने पहुंचे प्रत्याशी की खबर को प्रमुखता से चलाया गया था। जब इस खबर पर अनुमंडल पदाधिकारी नीरज कुमार की नजर गयी तब उन्होंने उक्त प्रत्याशी के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम -1960 की धारा 11 के तहत FIR करने का आदेश दिया। 


जिसके बाद प्रखंड निर्वाची पदाधिकारी ने कुमारखंड थाने में अशोक मेहता के खिलाफ केस दर्ज कराया।पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 के अनुसार किसी भी जानवर को कष्ट या नुकसान पहुंचाना अपराध है। इसे देखते अनुमंडल पदाधिकारी के आदेश पर मुखिया प्रत्याशी अशोक कुमार मेहता के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

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Jitendra Vidyarthi

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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