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MP विधानसभा चुनाव में नीतीश की पार्टी का बुरा हाल, खाता भी खुलने की नहीं दिख रही संभावना; पहले भी होता रहा है जमानत जब्त

PATNA : चार राज्यों के विधानसभा चुनाव 2023 की मतगणना शुरू हो गई है। आज यानी 3 दिसंबर को राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और तेलंगाना की मतगणना सुबह 8 बजे शुरू हुई। ऐसे में बिहार की

MP विधानसभा चुनाव में नीतीश की पार्टी का बुरा हाल, खाता भी खुलने की नहीं दिख रही संभावना; पहले भी होता रहा है जमानत जब्त
Tejpratap
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PATNA : चार राज्यों के विधानसभा चुनाव 2023 की मतगणना शुरू हो गई है। आज यानी 3 दिसंबर को राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और तेलंगाना की मतगणना सुबह 8 बजे शुरू हुई। ऐसे में बिहार की सत्तारूढ़ पार्टी की भी नजर इस चुनाव पर लगी हुई है। इस चुनाव में जदयू के भी कैंडिडेट अपनी किस्मत अजमा रहे हैं। लेकिन, वर्तमान में जो हालात नजर आ रहे हैं उसके मुताबिक़ मध्य प्रदेश में किसी भी सीट पर जदयू खाता खोलते हुए भी नजर नहीं आ रही है। 


दरअसल, जदयू अपने  संगठन विस्तार देने के लिए मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों में किस्मत तो जरूर आजमा रही। लेकिन बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी की किस्मत उसका साथ देती हुई नजर नहीं आ रही ह।  रविवार को आ रहे चुनाव परिणाम में शुरुआती रुझानों में जिन 10 विधानसभा सीटों पर जदयू ने किस्मत आजमाया है उसमें जदयू का तीर फ़िलहाल निशाने पर लगता नहीं दिख रहा है। 


जदयू के लिए  पिछोर सीट से चंद्रपाल यादव, राजनगर सीट से रामकुंवर रायकवार, विजय राघवगढ़ सीट से शिव नारायण सोनी, थांदला सीट से तोल सिंह भूरिया और पेटलावद सीट से रामेश्वर सिंगला को चुनावी मैदान में हैं। लेकिन, ये लोग कहीं से भी बढ़त में नजर नहीं आ रहे हैं। ये लोग अपने इन विधानसभा इलाकों में काफी पीछे नजर आ रहे हैं। मतलब मध्य प्रदेश की जनता ने कहीं से भी नीतीश कुमार की पार्टी को स्वीकार नहीं किया है। 


वहीं, जदयू की दूसरी सूची में भी पांच उम्मीदवार रहे. जदयू ने सागर जिले के नरियावली (एससी) से सीताराम अहिरवार, नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव (एससी) से प्रमोद कुमार मेहरा, कटनी जिला के बहोरीबंद से पंकज मौर्या, जबलपुर उत्तर से संजय जैन और बालाघाट विधानसभा क्षेत्र से विजय कुमार पटेल को मैदान में उतारा गया। ये लोग भी काफी पीछे हैं ये लोग रुझान में भी नहीं है। 


आपको बताते चलें कि, मध्य प्रदेश में जदयू ने पहला विधानसभा चुनाव 1998 में लड़ा था। उस समय पार्टी के  144 उम्मीदवार मैदान में थे। 135 की जमानत नहीं बची। हालांकि,  पाटन सीट पर सोबरान सिंह बाबूजी की जीत हुई। उसके बाद 2003 में उम्मीदवारों की संख्या घटकर 36 रह गई। लेकिन, इस चुनाव में  बड़वारा से सरोज बच्चन नायक चुनाव जीते। जबकि 33 की जमानत जब्त हुई। फिर 2008 का मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव जदयू के लिए बहुत बुरा रहा। 49 उम्मीदवारों में से किसी की भी जमानत नहीं बची। 2013 में जदयू के केवल 22 उम्मीदवार मैदान में उतरे। एक की जमानत बच पाई।

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Tejpratap

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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