ब्रेकिंग
पटना में गंगा स्नान के दौरान दर्दनाक हादसा, तीन बच्चों की डूबने से मौतअगर अपराधी सरेंडर करता है, तो क्या उसे गोली मार दी जाएगी? भरत तिवारी एनकाउंटर पर घमासान के बीच नीतीश कुमार का पुराना बयान वायरलBihar News: बिहार में मकान बनाने वालों के लिए बड़ी खबर! नए नियम लागू, कमरा-रसोई से लेकर शौचालय तक बदल गए मानकBihar News: 22 कोच वाली नई ट्रेन शुरू, राजस्थान से बिहार तक का सफर होगा सुविधाजनक; देखें पूरा रूटBihar News: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया योग, पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रमपटना में गंगा स्नान के दौरान दर्दनाक हादसा, तीन बच्चों की डूबने से मौतअगर अपराधी सरेंडर करता है, तो क्या उसे गोली मार दी जाएगी? भरत तिवारी एनकाउंटर पर घमासान के बीच नीतीश कुमार का पुराना बयान वायरलBihar News: बिहार में मकान बनाने वालों के लिए बड़ी खबर! नए नियम लागू, कमरा-रसोई से लेकर शौचालय तक बदल गए मानकBihar News: 22 कोच वाली नई ट्रेन शुरू, राजस्थान से बिहार तक का सफर होगा सुविधाजनक; देखें पूरा रूटBihar News: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया योग, पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम

Land for Job Case: लैंड फॉर जॉब केस में लालू परिवार को कोर्ट से राहत, इस दिन से शुरू होगा ट्रायल

लैंड फॉर जॉब केस में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 9 मार्च से ट्रायल शुरू करने का आदेश दिया है। लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव और राबड़ी देवी को व्यक्तिगत पेशी से राहत मिली है, जबकि मामले में सीबीआई सबूत पेश करेगी।

Land for Job Case
लैंड फॉर जॉब केस की सुनवाई
© Google
Mukesh Srivastava
2 मिनट

Land for Job Case: देश के चर्चित लैंड फॉर जॉब केस में आज का दिन लालू परिवार के लिए अहम रहा। दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में इस मामले की सुनवाई हुई। लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव और राबड़ी देवी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए, जबकि लालू की बेटी मीसा भारती और हेमा यादव अदालत में व्यक्तिगत रूप से हाजिर हुईं।


अदालत ने आदेश दिया कि 9 मार्च से केस का ट्रायल शुरू होगा और इस दौरान जांच एजेंसी अपने सबूत पेश करेगी। इसके साथ ही लालू परिवार के सदस्यों को व्यक्तिगत पेशी में राहत भी मिली। लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव और राबड़ी देवी ने उम्र और स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अदालत में व्यक्तिगत पेशी से राहत मांगी थी।


यह मामला 2004-2009 के दौरान लालू यादव के रेल मंत्री रहते ग्रुप-डी भर्तियों से जुड़ा है। जांच के अनुसार, रेलवे अधिकारियों और यादव परिवार के करीबी सहयोगियों की मिलीभगत से नियुक्तियों के बदले जमीन ली गई। सीबीआई ने दावा किया कि ये नियुक्तियां नियमों के उल्लंघन और बेनामी संपत्तियों के लेन-देन से हुईं।


विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने टिप्पणी की थी कि लालू यादव ने रेल मंत्रालय को अपनी निजी जागीर की तरह इस्तेमाल किया और आरोपियों द्वारा बरी की जाने की याचिका को अनुचित बताते हुए खारिज कर दिया। अदालत ने इस मामले में 41 लोगों पर आरोप तय किए और 52 अन्य को बरी किया।


अधिकारियों के अनुसार, इस केस में आरोपियों ने सरकारी नौकरी को सौदेबाजी का हथियार बनाया और इसका मकसद भूमि हड़पना था। आरोपियों ने अपने ऊपर लगे आरोपों का खंडन करते हुए इसे राजनीतिक प्रेरित मामला बताया है।

रिपोर्टिंग
F

रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता