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‘पहले गरीबों के बच्चे पढ़ नहीं पाते थे.. अंग्रेजी कमजोर होने से फेल हो जाते थे’ कर्पूरी की पोती ने सुनाया पुराना किस्सा

PATNA: समाजवादी नेता और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर को मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया जाएगा। केंद्र सरकार के इस ऐलान के बाद कर्पूर

‘पहले गरीबों के बच्चे पढ़ नहीं पाते थे.. अंग्रेजी कमजोर होने से फेल हो जाते थे’ कर्पूरी की पोती ने सुनाया पुराना किस्सा
Mukesh Srivastava
2 मिनट

PATNA: समाजवादी नेता और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर को मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया जाएगा। केंद्र सरकार के इस ऐलान के बाद कर्पूरी ठाकुर के परिवार में खुशी है। इस फैसले को लेकर कर्पूरी ठाकुर की पोती डॉ. जागृति ने कहा कि उन्हें बहुत गर्व महसूस हो रहा है।


डॉ. जागृति ने कहा कि उन्हें बहुत अच्छा लग रहा है। उन्होंने कहा कि बहुत ही गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं कि हम उस परिवार से ताल्लुक रखते हैं। हम उनकी पोती हैं, उनकी बहुत सारी कहानियां हैं। हमने अपने दादाजी को देखा नहीं है। माता-पिता ने हमें उनके बारे में बताया है कि वे जन-जन के नायक थे। वे गरीबों, असहायों के थे।


उन्होंने कहा कि दादा जी के साथ मेरी कोई यादें नहीं हैं, लेकिन घर में सब बताते हैं कि पहले गरीबों के बच्चे पढ़ नहीं पाते थे। अंग्रेजी में कमजोर होते थे, इस वजह से वे फेल हो जाते थे। उन बच्चों के लिए दादाजी ने काम किया। वहीं केंद्र सरकार के फैसले पर कर्पूरी ठाकुर के बेटे जेडीयू सांसद रामनाथ ठाकुर ने कहा कि यह 34 साल की तपस्या का फल है। उन्होंने प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखी थी।