ब्रेकिंग
लंबे समय बाद मामा साधु यादव से मिलने पहुंची रोहिणी आचार्य, मुलाकात ने बढ़ाई सियासी हलचल✦‘JDU अब नीतीश कुमार की नहीं रही, BJP ने हाईजैक किया’, अनंत सिंह-नीरज विवाद पर बोले तेजस्वी यादव✦बच्चों के विवाद ने लिया खूनी रूप, देखते ही देखते दो पक्षों में भिड़ंत; एक की मौत, कई घायल✦BIHAR में दो IAS अधिकारियों का तबादला, देखिये लिस्ट..✦ड्यूटी से गायब मिले पुलिसकर्मी, SP ने तुरंत लिया एक्शन; 2 सस्पेंड, 2 से मांगा जवाब✦लंबे समय बाद मामा साधु यादव से मिलने पहुंची रोहिणी आचार्य, मुलाकात ने बढ़ाई सियासी हलचल✦‘JDU अब नीतीश कुमार की नहीं रही, BJP ने हाईजैक किया’, अनंत सिंह-नीरज विवाद पर बोले तेजस्वी यादव✦बच्चों के विवाद ने लिया खूनी रूप, देखते ही देखते दो पक्षों में भिड़ंत; एक की मौत, कई घायल✦BIHAR में दो IAS अधिकारियों का तबादला, देखिये लिस्ट..✦ड्यूटी से गायब मिले पुलिसकर्मी, SP ने तुरंत लिया एक्शन; 2 सस्पेंड, 2 से मांगा जवाब

के के पाठक पर सरकार साफ़ करें अपना स्टैंड, बोली राबड़ी देवी ... CM नीतीश बताएं बिना आदेश मानें कैसे ईमानदार हैं ACS

PATNA : बिहार विधानमंडल बजट सत्र का आज 7वां दिन है। केके पाठक को लेकर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। विपक्ष का कहना है कि केके पाठक शिक्षकों को अपमानित करते हैं। विपक्ष के

के के पाठक पर सरकार साफ़ करें अपना स्टैंड, बोली राबड़ी देवी ... CM नीतीश बताएं बिना आदेश मानें कैसे ईमानदार हैं ACS
Tejpratap
Tejpratap
2 मिनट

PATNA : बिहार विधानमंडल  बजट सत्र का आज 7वां दिन है। केके पाठक को लेकर  विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। विपक्ष का कहना है कि केके पाठक शिक्षकों को अपमानित करते हैं। विपक्ष के नेताओं का आरोप है कि केके पाठक ने शिक्षकों और विधायकों को गालियां दी है। ऐसे में अब इस मामले में बिहार सरकार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने भी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। 


राबड़ी देवी ने कहा कि- यहां मुख्यमंत्री के आदेश के बाद ही शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव उनका आदेश नहीं मान रहे हैं। वो अपनी मनमर्जी कर रहा है। जबकि उसके पास कोई अलग से अधिकार नहीं है कि वो मुख्यमंत्री की बात नहीं माने। अब मुख्यमंत्री को तय करना है कि ऐसे काम होगा। एक तरफ नीतीश कुमार कहते हैं कि-  के के पाठक बहुत ईमानदार हैं और दूसरी तरफ क पाठक मुख्यमंत्री के आदेश को ही नहीं मान रहे हैं तो फिर यह कैसी ईमानदारी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दोनों तरफ बोलते हैं ऐसा नहीं चल सकता है।अब मुख्यमंत्री को तय करना होगा कि के के पाठक की कार्यशैली कैसी है।


इसके अलावा राबड़ी देवी ने कहा कि पाठक न सिर्फ सीएम की बात को अनसुना कर रहे हैं बल्कि राजभवन से भी भीड़ जाते हैं। हाल ही आप देख लीजिए कुलपति के साथ बैठक करने का आदेश जारी करते हैं वो यह कहां से सही है। जबकि  किसी भी विश्वविद्यालय के वीसी को बुलाकर बैठक करने का अधिकार सिर्फ महामहिम राज्यपाल के पास ही होता है।