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सवर्ण सेना ने मनाया सर गणेश दत्त की जयंती, कहा - आज के युवा भूल रहे समाज को लेकर उनका समर्पण

JAHANABAD : महान शिक्षाविद सर गणेश दत्त की 156वीं जयंती पर राज्य के विभिन्न संगठनों के द्वारा उन्हें सम्मान पूर्वक याद किया गया। इसी कड़ी में सवर्ण सेना के अध्यक्ष भागवत शर्मा के द

 सवर्ण सेना ने मनाया सर गणेश दत्त की जयंती, कहा -  आज के युवा भूल रहे समाज को लेकर उनका समर्पण
Tejpratap
Tejpratap
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JAHANABAD : महान शिक्षाविद सर गणेश दत्त की 156वीं जयंती पर राज्य के विभिन्न संगठनों के द्वारा उन्हें सम्मान पूर्वक याद किया गया। इसी कड़ी में सवर्ण सेना के अध्यक्ष भागवत शर्मा के द्वारा भी प्रखर शिक्षाविद सर गणेश दत्त सिंह की जयंती मनाई गई। इसको लेकर उनके तरफ से एक समारोह का भी आयोजन किया गया है।  इस समारोह का उद्घाटन रांची यूनिवर्सिटी के कुलपति तपन शांडिल्य ने किया। इस मौके पर आइएमए के अध्यक्ष डॉ सहजानंद भी मुख्य अतिथि के रूप मेंमौजूद रहें। 


वहीं, इस समारोह का उद्घाटन करते हुए रांची यूनिवर्सिटी के कुलपति तपन शांडिल्य ने कहा कि, सर गणेश दत्त एक प्रखर वकील, शिक्षाविद और प्रशासक के रूप में काम कर समाज एवं राष्ट्र के निर्माण में प्रमुख भूमिका निभाई। आज वे पूरे समाज के लिए प्रेरणा के सबसे बड़े स्रोत हैं। वर्ष 1923 से 1936 तक अविभाजित बिहार के मंत्री रहने के दौरान उन्होंने अपने वेतन के चार हजार रुपए का तीन चौथाई अंश जमा कर फंड के लिए धन संचय किया। 14 अप्रैल 1933 को सर गणेश दत्त सिंह ने नियमावली बनाकर सर गणेश दत्त सिंह ट्रस्ट फंड कोष का गठन किया था। जिसका उद्देश्य पटना विश्वविद्यालय में अध्ययनरत जरूरतमंद छात्रों की मदद करना था।


वहीं, इस कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि व आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ सहजानंद प्रसाद सिंह ने कहा कि सर गणेश दत्त एक बहुआयामी प्रतिभा के धनी व्यक्ति थे। वे जीवन पर्यंत शिक्षा एवं स्वास्थ्य के बेहतरी के लिए बराबर प्रयत्नशील रहे। उनको अभिरुचि विज्ञान, तकनीकी और उद्योग संबंधी उच्च शिक्षा प्राप्त करने में हो लेकिन निर्धनता आहे आ रही हो, वैसे छात्रों को मदद के लिए उन्होंने सर गणेश दत्त ट्रस्ट का गठन कर मदद पहुंचाने का काम किया करते थे। उन्होंने भारत की स्वतंत्रता से पहले बिहार और उड़ीसा राज्य में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए कई शैक्षणिक संस्थान तथा अस्पताल में खुलवाया। 


इसके साथ ही इस समारोह का संचलान करवा रहे सवर्ण सेना के अध्यक्ष भागवत शर्मा ने कहा कि, आज के युवा सर गणेशदत की  शिक्षा, चिकित्सा, अन्य जनहित में किये गये अद्भुत योगदान को भूलते जा रहे हैं, ऐसे में युवाओं को इसकी याद दिलाने के उद्देश्य से ही कार्यक्रम आयोजित किया गया है। सर गणेश दत के पदचिह्नों पर चल कर ही समाज का कल्याण संभव है। सरगणेशदत से जुड़े संस्थाओं में आज भी हजारों लोगों को शिक्षा दिया जा रहा है। इस  कार्यक्रम में एसएस कालेज के प्राचार्य सुधीर कुमार मिश्रा के अलावा प्रो. रवि, समाजसेवी प्रहलाद भारद्वाज,नीरज कुमार, सत्य विजय कुमार समेत कई लोग  उपस्थित रहे।


बताते चलें कि, सर गणेश दत्त का जन्म 1868 में नालन्दा में हुआ था। 18 वर्ष की उम्र में उनका दाखिला पटना कॉलेजिएट स्कूल में पांचवी कक्षा में हुआ था और पटना लॉ कॉलेज से बीए करने के बाद आजादी की लड़ाई में कूद पड़े। गणेश दत्त शिक्षाविद और बिहार के प्रथम शिक्षा मंत्री थे, उनका संपूर्ण जीवन शिक्षा को समर्पित था। उन्होंने शिक्षा के प्रचार और प्रसार के लिए जो काम किया वह आज मील का पत्थर है। बेगूसराय का जीडी कॉलेज सर गणेश दत्त के नाम पर स्थापित पटना साइंस कॉलेज भी उन्होंने दान कर दिया।