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हेमंत सोरेन एक अच्छे लीडर, विदाई समारोह में राज्यपाल रमेश बैस ने मीडिया से कहा, सरकार को अस्थिर करने की कभी नहीं रही मंशा

RANCHI: झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस ने राज्य के राज्यपाल के रूप में अपने अंतिम दिन में मीडिया से मुलाकात के दौरान बुधवार को कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एक अच्छे ल

हेमंत सोरेन एक अच्छे लीडर, विदाई समारोह में राज्यपाल रमेश बैस ने मीडिया से कहा, सरकार को अस्थिर करने की कभी नहीं रही मंशा
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

RANCHI:  झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस ने राज्य के राज्यपाल के रूप में अपने अंतिम दिन में मीडिया से मुलाकात के दौरान बुधवार को कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एक अच्छे लीडर हैं। उन्हाने राज्य में अच्छा काम किया है। ऑफिस ऑफ प्रॉफिट मामले को लेकर राज्यपाल ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि राज्य में चल रही हेमंत सोरेन की सरकार को अस्थिर करने की उनकी मंशा कभी नहीं रही।


राज्यपाल रमेश बैस ने चुनाव आयोग द्वारा उन्हें मुख्यमंत्री के ऑफिस ऑर प्रॉफिट मामले पर दी गई चिट्ठी का जिक्र करते हुए कहा कि उस चिट्ठी में क्या था ये सार्वजनिक करने की कोई बात नहीं है, उन्होंने सरकार को अस्थिर करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। 25 अगस्त 2020 को चुनाव आयोग द्वारा भेजी गई सिफारिश को लागू करने की ऐसी कोई बाध्यता नहीं थी। मुख्य विपक्षी पार्टी बीजेपी द्वारा ये कहा जा रहा था कि आयोग द्वारा दी गई चिट्ठी में मुख्यमंत्री को विधानसभा से अयोग्य ठहराया गया है एक खनन मामले में।


मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की तारीफ करते हुए राज्यपाल ने कहा कि सबसे चुनाव आयोग की सिफारिश का मामला राजभवन आया और उसके बाद सरकार की ओर से ये कहा जाने लगा कि राज्पाल सरकार को अस्थिर करना चाहते है तबसे राज्य सरकार ने बेहतर काम किया है। राज्य के राजनीतिक अस्थिरता के इतिहास को देखते हुए ऐसा कहा जा रहा था कि सरकार को अस्थिर किया जा रहा है लेकिन हमारी कभी ऐसी को मंशा नहीं थी।


राज्यपाल रमेश बैस के राज्यपाल के रूप में अंतिम दिन सबसे पहले मुख्य सचिव सुखदेव सिंह ने उनसे शिष्टाचार मुलाकात की, उसके बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपनी पत्नी कल्पना सोरेन के साथ राज्यपाल से मुलाकात की और उनको बधाई और शुभकामनाएं दी। रमेश बैस ने दो महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में अपनी अधिसूचना जारी होने के बाद मुख्यमंत्री आवास जाकर मुख्यमंत्री और उनके पिता पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन से मुलाकात की थी और उनके स्वास्थ्य का हाल जाना था।

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