Bihar politics: देश की छवि खराब कर रही कांग्रेस –फायरब्रांड मंत्री गिरिराज सिंह का तीखा वार

Bihar politics: बेगूसराय में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कांग्रेस पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि अब यह पार्टी देश हित की राजनीति नहीं कर रही, बल्कि भारत की छवि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नुकसान पहुंचाने में जुटी है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 18, 2025, 10:50:11 AM

गिरिराज सिंह, कांग्रेस पर हमला, कांग्रेस विवाद, तुर्की पाकिस्तान भारत, गिरिराज सिंह बयान, Giriraj Singh, Congress controversy, Giriraj Singh statement, Turkey supports Pakistan, Indian politics, बेगूस

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह - फ़ोटो Google

Bihar politics: बेगूसराय में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कांग्रेस पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि अब यह पार्टी देश हित की राजनीति नहीं कर रही, बल्कि भारत की छवि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नुकसान पहुंचाने में जुटी है। इसके साथ ही उन्होंने तुर्की को पाकिस्तान समर्थक बताते हुए भारत का दुश्मन करार दिया।


केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने रविवार को बेगूसराय में एक प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस पार्टी और तुर्की को लेकर कड़े बयान दिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब सकारात्मक राजनीति करने की स्थिति में नहीं है, कांग्रेस की राजनीति अब पूरी तरह से नकारात्मक हो गई है और यह पार्टी देश की छवि खराब करने की आदत हो गयी है|


शशि थरूर के एक विदेशी प्रतिनिधिमंडल में शामिल होने का हवाला देते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि इससे कांग्रेस की आंतरिक लोकतांत्रिक कमजोरी उजागर होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नकारात्मक राजनीति का चेहरा बन चुकी है और विदेशों में भारत की छवि को धूमिल करने में लगी है।


तुर्की पर सवाल उठाते हुए गिरिराज सिंह ने कहा, "जो देश पाकिस्तान का समर्थन करता है, वह भारत का स्वाभाविक दुश्मन है।" उन्होंने पाकिस्तान को एक "आतंकवादी देश" बताया और कहा कि भारत की सेना ने अपने पराक्रम से दुनिया को भारत की ताकत दिखाई है। 


उन्होंने आगे कहा कि ऐसे देश जो भारत विरोधी राष्ट्रों के साथ खड़े होते हैं, उन्हें भारत कभी स्वीकार नहीं करेगा। "भारत अपनी सेना की ताकत पर गर्व करता है और हम किसी भी अंतरराष्ट्रीय दबाव में नहीं झुकेंगे," गिरिराज सिंह ने जोर देकर कहा। गिरिराज सिंह के इस बयान को आगामी चुनावों के मद्देनजर देखा जा रहा है, जहां राष्ट्रीय सुरक्षा और राष्ट्रवाद फिर से एक प्रमुख मुद्दा बनता दिख रहा है।