Delhi Excise Policy Case: कथित शराब घोटाले में अरविंद केजरीवाल और सिसोदिया बरी, कोर्ट ने कहा- इनके खिलाफ सबूत नहीं

Delhi Excise Policy Case: दिल्ली आबकारी नीति मामले में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया समेत 23 आरोपियों को कोर्ट से बड़ी राहत मिली। अदालत ने सबूतों के अभाव में सभी को बरी करते हुए सीबीआई का मामला खारिज कर दिया।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Feb 27, 2026, 11:44:46 AM

Delhi Excise Policy Case

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Delhi Excise Policy Case: दिल्ली की कथित शराब नीति घोटाला मामले में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल तथा पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को बड़ी राहत मिली है। अदालत ने दोनों नेताओं को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि उनके खिलाफ मुकदमा चलाने लायक पर्याप्त सबूत उपलब्ध नहीं हैं। इसी के साथ मामले के अन्य सभी आरोपियों को भी बरी कर दिया गया।


राउज़ एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई

मामले की सुनवाई के लिए केजरीवाल और सिसोदिया राउज़ एवेन्यू कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए, जबकि के. कविता, अमनदीप ढल सहित कई अन्य आरोपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि आबकारी नीति में किसी व्यापक साजिश या आपराधिक मंशा के ठोस प्रमाण नहीं मिले। इसके साथ ही सीबीआई द्वारा दर्ज पूरा मामला बंद कर दिया गया।


जांच पर अदालत की सख्त टिप्पणी

सुनवाई के दौरान विशेष न्यायाधीश जितेन्द्र सिंह ने सीबीआई की जांच प्रक्रिया पर कड़ी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि विस्तृत आरोपपत्र में कई ऐसी खामियां हैं, जिनका समर्थन गवाहों या बयानों से नहीं होता। अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया कोई मामला नहीं बनता और आरोप तय करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने यह भी रेखांकित किया कि निष्पक्ष सुनवाई के लिए निष्पक्ष जांच आवश्यक है, जो इस मामले में नहीं दिखी।


क्या है पूरा मामला?

यह मामला वर्ष 2022-23 की दिल्ली आबकारी नीति से जुड़ा है। भ्रष्टाचार के आरोपों के आधार पर सीबीआई ने केस दर्ज किया था। आरोप था कि “साउथ ग्रुप” नाम की लॉबी से 100 करोड़ रुपये की रिश्वत ली गई और बदले में लाइसेंस फीस में छूट तथा अन्य लाभ दिए गए। इस प्रकरण में आम आदमी पार्टी के कई नेताओं को जेल जाना पड़ा था। खुद अरविंद केजरीवाल लगभग छह महीने तक जेल में रहे थे। मामले में सीबीआई के साथ-साथ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी जांच की थी।


अदालत का अंतिम फैसला

विशेष न्यायाधीश जितेंद्र सिंह ने फैसला सुनाते हुए अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और 21 अन्य आरोपियों को बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि आरोपपत्र में कई ऐसी कमियां हैं, जिनका ठोस सबूतों से समर्थन नहीं होता।


फैसले के बाद केजरीवाल की प्रतिक्रिया

फैसला आने के बाद अरविंद केजरीवाल भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि “मैंने अपनी जिंदगी में सिर्फ ईमानदारी कमाई है। आज अदालत ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। हम हमेशा से कहते आए हैं कि सच्चाई की जीत होती है। हमें भारतीय न्याय प्रणाली पर पूरा भरोसा है।”


उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके खिलाफ राजनीतिक साजिश रची गई और आम आदमी पार्टी को खत्म करने की कोशिश की गई। केजरीवाल ने कहा कि आज अदालत के फैसले ने यह साबित कर दिया है कि वे, मनीष सिसोदिया और उनकी पार्टी ईमानदार हैं।