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दिल्ली-पश्चिम बंगाल में निषादों को आरक्षण तो यूपी-बिहार में क्यों नहीं? दरभंगा में मुकेश सहनी ने उठाया सवाल

DARBHANGA: विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के प्रमुख और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी रविवार को निषाद आरक्षण संकल्प यात्रा के क्रम में ऐतिहासिक नगरी दरभंगा पहुंचे। सहनी के य

दिल्ली-पश्चिम बंगाल में निषादों को आरक्षण तो यूपी-बिहार में क्यों नहीं? दरभंगा में मुकेश सहनी ने उठाया सवाल
Mukesh Srivastava
3 मिनट

DARBHANGA: विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के प्रमुख और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी रविवार को निषाद आरक्षण संकल्प यात्रा के क्रम में ऐतिहासिक नगरी दरभंगा पहुंचे। सहनी के यहां पहुंचने पर लोगों ने उनका दिल खोलकर स्वागत किया। दरभंगा में संकल्प यात्रा की शुरुआत दोघड़ा पुराना बाजार से हुई, जहां बड़ी संख्या में मौजूद युवाओं और महिलाओं ने आने वाली पीढ़ी के उज्जवल भविष्य के लिए संघर्ष करने के लिए हाथ में गंगाजल लेकर संकल्प लिया।


उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए मुकेश सहनी ने कहा कि देश की आजादी के लिए हमारे पूर्वजों ने कुर्बानियां दी, लेकिन हमे आज भी सही आजादी नहीं मिली। आजादी के बाद अगर हमारे पूर्वजों ने अधिकार को लेकर संघर्ष किया होता तो हमें भी उनकी विरासत मिलती और हमे संघर्ष नहीं करना पड़ता। लोगों से अधिकार के प्रति संघर्ष करने का आह्वान करते हुए कहा कि अगर आज हम संघर्ष करेंगे तो आने वाली पीढ़ी को संघर्ष नहीं करना पड़ेगा। 


'सन ऑफ मल्लाह' के नाम से चर्चित सहनी ने कहा कि आज देश के दिल्ली और पश्चिम बंगाल में निषाद भाइयों को आरक्षण दिया जा रहा है लेकिन बिहार, यूपी और झारखंड में आरक्षण नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि केवल कहने से जाति और समाज नहीं होता, साथ आकर एकसाथ संघर्ष करना पड़ेगा। आज सभी संघर्ष का संकल्प ले रहे है और यही संकल्प निषादों के उज्जवल भविष्य को तय करेगा। 


दोघड़ा पुराना बाजार से यह यात्रा अललपट्टी के थोक मछली बाजार, लहेरिया सराय के कर्पूरी चौक होते हुए परीक्षा गृह पहुंचा। इस दौरान सभी स्थानों पर सहनी का जोरदार स्वागत किया गया। उन्होंने कहा कि निषादों ने संकल्प लेकर तय कर लिया है कि जो उनकी सुनेगा वे भी उन्हीं की सुनेंगे, जो हमारी नहीं सुनेगा, उसकी हम भी नहीं सुनेंगे।


दिल्ली-पश्चिम बंगाल में निषादों को आरक्षण तो यूपी-बिहार में क्यों नहीं? दरभंगा में मुकेश सहनी ने उठाया सवाल



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