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CPI-माले ने जारी किया घोषणापत्र, 600 रुपये दैनिक मजदूरी और 35 हजार न्यूनतम वेतन देने का किया वादा

PATNA : कांग्रेस के बाद अब भाकपा-माले ने लोकसभा चुनाव 2024 के लिए अपना चुनावी घोषणापत्र सोमवार को जारी कर दिया है। जिसमें कई बड़े-बड़े वादे किये गये हैं। दैनिक मजदूरी 600 रुपय

CPI-माले ने जारी किया घोषणापत्र, 600 रुपये दैनिक मजदूरी और 35 हजार न्यूनतम वेतन देने का किया वादा
Jitendra Vidyarthi
4 मिनट

PATNA : कांग्रेस के बाद अब भाकपा-माले ने लोकसभा चुनाव 2024 के लिए अपना चुनावी घोषणापत्र सोमवार को जारी कर दिया है। जिसमें कई बड़े-बड़े वादे किये गये हैं। दैनिक मजदूरी 600 रुपये करने और न्यूनतम वेतन 35 हजार किये जाने का भाकपा माले ने वादा किया है। माले महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य, पोलित ब्यूरो सदस्य रामजी राय, राज्य सचिव कुणाल, धीरेन्द्र झा, मंजू प्रकाश, शशि यादव, महबूब आलम व गोपाल रविदास ने इस चुनावी घोषणा पत्र को जारी किया।


घोषणापत्र के प्रमुख बिंदु

1. चुनावों का लोकतांत्रिकरण , बैलेट से चुनाव की मांग, सर्वोच्च न्यायालय की अनुशंसा के अनुसार मुख्य न्यायाधीश, प्रधानमंत्री व नेता प्रतिपक्ष की सेलेक्शन कमिटी, मुख्य चुनाव आयुक्त व अन्य चुनाव आयुक्तों की पारदर्शी नियुक्ति, राजनीतिक दलों के चुनाव खर्च सीमा निर्धारित हो, जनप्रतिनिधियों को वापस बुलाने का अधिकार हो, दलबदल पर सदस्यता स्वतः समाप्त कर दी जाए।


2. सभी नागरिकों को रोजगार, पोषण, स्वास्थ्य व रहने का मौलिक अधिकार, भेदभावकारी सीएए-एनआरसी-एनपीआर रद्द किया जाए, समान नागरिक संहिता को पूरी तरह रद्द किया जाए, आधार को खारिज किया जाए, जनकल्याण की सभी योजनाओं को सार्वभौमिक बनाया जाए, जाति व धर्म, सेक्सुअल ओरिएन्टेशन, जेंडर आइडेंटिटी, विकलांगता के आधार पर भेदभाव को खत्म किया जाए।


3. सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों में आरक्षित रिक्तियों समेत सभी पदों पर तत्काल नियुक्ति, बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता, निजी क्षेत्र में शिक्षा व रोजगार का वादा, अग्निपथ योजना का खात्मा।

4. राष्ट्रीय न्यूनतम मजदूरी की दर 35000 रु. प्रति माह, मजदूर विरोधी चार श्रम कोड रद्द किये जाए, पुरानी पेंशन योजना की पुनर्बहाली, असंगठित व अनियमित क्षेत्र के मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा लाभ, महंगाई भत्ता के साथ 10000 रु. न्यूनतम मासिक पेंशन की गारंटी।

5. ठेका मजदूरों का नियमितीकरण, कार्यस्थल पर महिलाओं से भेदभाव की नीतियों का खात्मा

6. एमएसपी की गारंटी, सभी कर्जों की माफी, कृषि कार्य हेतु सस्ती दरों पर खाद व बीज की उपलब्धता, बटाईदार किसानों को कानूनी मान्यता, पंजीकरण.

7. भूमिहीनों को सीलिंग, भूदान, धार्मिक मठों एवं परती भूमि का वितरण. सभी को आवासीय भूमि की गारंटी

8. मनरेगा में 200 दिन काम व न्यूनतम 600 रु. मजदूरी

9. शहरी रोजगार गारंटी योजना, नागरिक सुविधाओं की गारंटी

10. राष्ट्रीय स्तर पर जाति गणना व आरक्षण का विस्तार

11. सच्चर कमिटी और रंगनाथ मिश्रा आयोग की सिफारिशेां को लागू करना

12. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का खात्मा, शिक्षा पर बजट का 10 प्रतिशत खर्चा, मातृभाषा में निःशुल्क शिक्षा, निजी संस्थानों में आरक्षण, जेंडर सेन्सिटाइजेशन, मिड डे मील का बजट बढ़ाना,शिक्षण संस्थानों में जातीय भेदभाव का खात्मा

13. मजबूत जनस्वास्थ्य व्यवस्था 14. पर्यावरण सुरक्षा व क्लाइमेट जस्टिस 15. जनपक्षीय आर्थिक नीतियों पर जोर

16. जीएसटी की वापसी, काॅरपोरेटों से एनपीए की वसूली, काॅरपोरेटों पर टैक्स दरों में वृद्धि

17. जंगलों, तटीय इलाको एवं परंपरागत फिशिंग जोनों का निजीकरण व व्यवस्यीकरण पर रोक

18. आरटीआई कानून को सुद्ढ़ करना, मानवाधिकारों के उल्लंघन परर रोक, यूएपीए और एएफएसपीए और नए तीनों क्रिमिनल कोड समेत सभी दमनकारी कानूनों की वापसी, सभी राजनीतिक बंदियों की रिहाई, जाताीय एवं सांप्रदायिक जनसंहारों और हिरासत मं हत्या के लिए एक विशेष ट्राइब्यूनल का गठन, अमीर दास आयोग को पुनर्जीवित करना, बिहार में रणवीर सेना के राजनीतिज्ञों के साथ संबंधों की गहन जांच। 

19. देश के संघीय ढांचे को मजबूत बनाना, राज्यपाल के पद की समाप्ति, क्षेत्रीय असामनता दूर करने के लिए पिछड़े राज्यों को विशेष सहायता

20. जम्मू एवं कश्मीर, दिल्ली और पुदुच्चेरि को पूर्ण राज्य का दर्जा, लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करना, कार्बी आंग्लांग को स्वायत्त राज्य का दर्जा

21. संप्रभु, लोकतांत्रिक और मानवतावादी विदेश नीति

22. महिला, ट्रांसजेंडर एवं एलजीबीटीक्यूआईए समुदायों के अधिकारों की गारंटी।

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