ब्रेकिंग
पत्नी ने ही रची थी पति की हत्या की साजिश... भाई समेत 6 गिरफ्तार, ऐसे खुला पूरा राज✦इलाज के नाम पर हैवानियत, बीमार बच्चों को पैरो से पकड़कर ज़मीन पर पटकता रहा तांत्रिक... वीडियो देख कांप जाएगी रूह✦कानाफूसी: सचिवालय के 'साहेब' का वसूली गैंग! बॉडीगार्ड-रिश्तेदार से लेकर स्वधर्म वाले शख्स को दिया जिम्मा, सिफारिशी पोस्टिंग वाले निशाने पर...'लक्ष्मी' रिलीज करने का भारी दबाव✦‘तटबंध का पक्कीकरण नहीं हुआ तो अगला चुनाव नहीं लड़ूंगा’, बीजेपी विधायक ने कर दिया एलान✦UG Admission से चूके छात्रों को मिला एक और मौका! बिहार के कॉलेजों में स्पॉट एडमिशन शुरू, यह है आखिरी तारीख✦पत्नी ने ही रची थी पति की हत्या की साजिश... भाई समेत 6 गिरफ्तार, ऐसे खुला पूरा राज✦इलाज के नाम पर हैवानियत, बीमार बच्चों को पैरो से पकड़कर ज़मीन पर पटकता रहा तांत्रिक... वीडियो देख कांप जाएगी रूह✦कानाफूसी: सचिवालय के 'साहेब' का वसूली गैंग! बॉडीगार्ड-रिश्तेदार से लेकर स्वधर्म वाले शख्स को दिया जिम्मा, सिफारिशी पोस्टिंग वाले निशाने पर...'लक्ष्मी' रिलीज करने का भारी दबाव✦‘तटबंध का पक्कीकरण नहीं हुआ तो अगला चुनाव नहीं लड़ूंगा’, बीजेपी विधायक ने कर दिया एलान✦UG Admission से चूके छात्रों को मिला एक और मौका! बिहार के कॉलेजों में स्पॉट एडमिशन शुरू, यह है आखिरी तारीख

छात्र नेता से राजनेता बने जयराम महतो, टाइगर चुनाव चिह्न के साथ बनाई नई पार्टी; लोकसभा व विधानसभा चुनाव में ठोकेंगे ताल

RANCHI : छात्र नेता जयराम महतो ने अब अपनी एक अलग राजनीतिक पार्टी बनाने का एलान कर दिया है। इन्होंने अपनी इस पार्टी का नाम झारखंडी भाषा खतियान संघर्ष समिति (जेबीकेएसएस) रखा है। &nbs

छात्र नेता से राजनेता बने जयराम महतो, टाइगर चुनाव चिह्न के साथ बनाई नई पार्टी; लोकसभा व विधानसभा चुनाव में ठोकेंगे ताल
Tejpratap
Tejpratap
2 मिनट

RANCHI : छात्र नेता जयराम महतो ने अब अपनी एक अलग राजनीतिक पार्टी बनाने का एलान कर दिया है। इन्होंने अपनी इस पार्टी का नाम झारखंडी भाषा खतियान संघर्ष समिति (जेबीकेएसएस) रखा है।  वहीं, इस पार्टी का सिंबल टाइगर रखा गया ह। इसके अध्यक्ष जयराम महतो ही बने हैं। इन्होंने  र्टी की घोषणा के साथ ही लोकसभा और विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान भी किया। इसके साथ ही 1932 का खतियान लागू करने तक आंदोलन की चेतवानी दी है। 


दरअसल, धनबाद के बलियापुर हवाई पट्टी ग्राउंड में झारखंड खतियानी भाषा संघर्ष समिति का प्रथम महाधिवेशन आयोजित किया गया। इसी दौरान सर्वसम्मति से जेबीकेएसएस गठन का फैसला किया गया। इस प्रथम महाधिवेशन में भाग लेने के लिए धनबाद, बोकारो ,गिरिडीह, हजारीबाग ,सरायकेला और खरसावां के कुर्मी समुदाय के लोग शामिल हुए। 


वहीं, अधिवेशन को संबोधित करते हुए छात्र नेता से राजनेता बने जयराम महतो ने कहा कि, शहीदों के अरमानों का झारखंड नहीं बन पाया है। झारखंड के लिए झारखंडियों ने कुर्बानियां दीं। बाहर के लोग यहां राज कर रहे हैं। जिसको अपना समझ कर राजकाज सौंपा, पूरे झारखंड की जनता को निराश कर रहे हैं।संप्रदायवाद, पूंजीवाद के रास्ते झारखंड की जनता को बरगलाया जा रहा है। जब तक 1932 का खतियान लागू नहीं हो जाता, तब तक जेबीकेएसएस चुपचाप नहीं बैठेगी। 


आपको बताते चलें कि, राज्य स्तरीय महाधिवेशन में जुटी भीड़ को ऐतिहासिक माना जा रहा है। बैठने के लिए जो पंडाल बनाया गया था, वह तो भर ही गया था। पंडाल के बाहर भी काफी भीड़ थी। लोगों के लिए मेडिकल सुविधा समेत चना-गुड़ की व्यवस्था की गयी थी।