1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Jun 27, 2025, 8:30:32 PM
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Bihar Politics: जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर अपनी 'बिहार बदलाव यात्रा' के तहत लगातार अलग-अलग जिलों और प्रखंडों में लोगों से संवाद कर रहे हैं और स्थानीय पत्रकारों से भी बात कर रहे हैं। इसी कड़ी में आज उन्होंने भोजपुर के उदवंतनगर और संदेश प्रखंड में आयोजित बिहार बदलाव सभा को संबोधित किया।
उनकी पहली सभा उदवंतनगर के उज्जैन टोला मैदान में और दूसरी संदेश के बचरी गांव में हुई थी। अपने संबोधन में प्रशांत किशोर ने कहा कि मैं पिछले 3 सालों से बिहार के गांव-गांव घूम रहा हूं लेकिन बच्चों के शरीर पर सूती कपड़ा या पैरों में चप्पल नहीं है। इसीलिए आपको अपने बच्चों की चिंता करनी है, कोई नेता आपके बच्चों की चिंता नहीं करेगा।
उन्होंने उदाहरण देते हुए समझाया कि बिहार के लोगों को लालू जी से सीखना चाहिए कि बच्चों की चिंता क्या होती है। उन्होंने कहा कि लालू जी का बेटा 9वीं पास भी नहीं किया है, फिर भी वह चाहते हैं कि उनका बेटा राजा बने और दूसरी तरफ बिहार के लोग जिनके बच्चे मैट्रिक, बी.ए. (B.A), एम.ए. (M.A) कर चुके हैं, फिर भी उन्हें नौकरी नहीं मिल रही है।
वहीं प्रशांत किशोर ने जदयू नेता अशोक चौधरी के 56 साल की उम्र में प्रोफेसर बनने पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अशोक चौधरी सर्वदलीय नेता हैं। आश्चर्य की बात है कि जहां क्लर्क बनने के लिए भी परीक्षा देनी पड़ती है, वहीं अशोक चौधरी बिना कोई परीक्षा दिए 56 साल की उम्र में प्रोफेसर बन गए हैं। चुनाव से महज 4 महीने पहले ही वे प्रोफेसर बने हैं क्योंकि सभी पार्टियों में रहने के बावजूद उन्हें समझ आ गया है कि नवंबर के बाद उनके लिए कहीं भी जगह बचने वाली नहीं है। इसलिए वे अपने लिए रोजी-रोजगार का इंतजाम कर रहे हैं।