Bihar News: तेजस्वी यादव विदेशी धन और विदेशी ताकतों के इस्तेमाल की चीज बनकर रह गए हैं।दिल्ली में राहुल गांधी ने जो किया, उसी की नकल तेजस्वी यादव पटना में करते दिखाई दे रहे हैं। जनसरोकार और जनता के वास्तविक मुद्दों से इनका कोई लेना-देना नहीं है। रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, विकास और बिहार के भविष्य पर ठोस चर्चा करने के बजाय केवल सुर्खियों में बने रहने के लिए राजनीतिक तमाशा किया जा रहा है। हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (से.) के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता श्याम सुन्दर शरण ने तेजस्वी यादव पर जबरदस्त पलटवार किया है.
श्याम सुन्दर शरण ने कहा कि ऐसी राजनीति का उद्देश्य जनता के बीच अविश्वास पैदा करना और लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को कमजोर करना है। भारतीय लोकतंत्र, संविधान और उसकी संस्थाओं के प्रति जनता का विश्वास मजबूत होना चाहिए, लेकिन विपक्ष के कुछ नेता लगातार न्यायपालिका, चुनाव व्यवस्था और संवैधानिक संस्थाओं को कठघरे में खड़ा कर देश में भ्रम और अविश्वास का वातावरण बनाने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक असहमति लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन देश में अराजकता पैदा करना, संस्थाओं के प्रति अविश्वास फैलाना और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करना किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं हो सकता। देश को तोड़ने और पूरी लोकतांत्रिक व्यवस्था को भ्रष्ट करने की मंशा रखने वाली राजनीति का जनता के बीच कोई स्थान नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि राहुल, अखिलेश और तेजस्वी यादव जैसे नेताओं और उनके परिवारों की राजनीति में पीढ़ीगत सत्ता की मानसिकता साफ दिखाई देती है। इनकी सोच ऐसी है कि सत्ता इन्हीं के परिवार की पीढ़ियों को मिलती रहे तो लोकतंत्र ठीक है, लेकिन जनता किसी दूसरे नेतृत्व को जनादेश दे तो पूरी व्यवस्था खराब नजर आने लगती है। श्याम सुन्दर शरण ने कहा कि भारत लोकतंत्र है, राजशाही नहीं। सत्ता किसी परिवार की पैतृक संपत्ति नहीं है। जनता सत्ता किसी के माथा पटकने या सड़क पर तमाशा करने से नहीं, बल्कि जनविश्वास और जनादेश के आधार पर देती है। बिहार और देश की जनता जनमुद्दों से जुड़े नेताओं को चुनती है, तमाशाई राजनीति करने वालों को नहीं।





