ब्रेकिंग
पटना में जल्द तैनात होंगे एक नए ASP (नगर व्यवस्था), समन्वय स्थापित करना होगा काम पंचायत स्तर पर सहयोग शिविर...3 माह चलेगा प्रोग्राम, विजय सिन्हा के पूर्व PS समेत 37 अफसरों की जिला में तैनाती,लिस्ट देखें...सम्राट कैबिनेट का बड़ा फैसला: 10 हजार दारोगा बहाली का रास्ता साफ, कॉलेजों में 9152 पद सृजितसीवान में रोड रेज का खूनी अंजाम: BJP नेता के भगिने की गोली मारकर हत्या, बहनोई गंभीरमधुबनी में ओलावृष्टि का कहर: पोते की शादी से पहले दादी की मौत, शादी की खुशियां मातम में बदली पटना में जल्द तैनात होंगे एक नए ASP (नगर व्यवस्था), समन्वय स्थापित करना होगा काम पंचायत स्तर पर सहयोग शिविर...3 माह चलेगा प्रोग्राम, विजय सिन्हा के पूर्व PS समेत 37 अफसरों की जिला में तैनाती,लिस्ट देखें...सम्राट कैबिनेट का बड़ा फैसला: 10 हजार दारोगा बहाली का रास्ता साफ, कॉलेजों में 9152 पद सृजितसीवान में रोड रेज का खूनी अंजाम: BJP नेता के भगिने की गोली मारकर हत्या, बहनोई गंभीरमधुबनी में ओलावृष्टि का कहर: पोते की शादी से पहले दादी की मौत, शादी की खुशियां मातम में बदली

DMK MP Controversy: तमिलनाडु के सांसद दयानिधि मारन के खिलाफ बिहार की कोर्ट में मुकदमा, क्या है मामला?

DMK MP Controversy: उत्तर भारत की महिलाओं पर कथित आपत्तिजनक बयान को लेकर डीएमके सांसद दयानिधि मारन के खिलाफ मुजफ्फरपुर कोर्ट में परिवाद दर्ज किया गया है। मामले की अगली सुनवाई 22 जनवरी को होगी।

DMK MP Controversy
मारन की बढ़ने वाली है मुसीबत!
© Google
Mukesh Srivastava
2 मिनट

DMK MP Controversy: तमिलनाडु के डीएमके सांसद दयानिधि मारन के विवादित बयान को लेकर मुजफ्फरपुर न्यायालय में परिवाद दायर किया गया है। अधिवक्ता सुधीर कुमार ओझा ने उनके खिलाफ कोर्ट में परिवाद दाखिल कराया है। न्यायालय ने परिवाद स्वीकार करते हुए सुनवाई की अगली तिथि 22 जनवरी को दी है।


अधिवक्ता सुधीर कुमार ओझा का कहना है कि 15 जनवरी को न्यूज में सांसद दयानिधि मारन उत्तर भारत की महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी कर रहे थे। उनके अनुसार सांसद ने कहा था कि उत्तर भारत की लड़कियों को घर पर रहने, खाना बनाने और बच्चे पैदा करने के लिए कहा जाता है, जबकि तमिलनाडु में लड़कियों को पढ़ने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जाता है।


साथ ही यह भी आरोप लगाया गया है कि उन्होंने महिलाओं को काम पर न जाने और केवल घरेलू दायित्व निभाने तक सीमित रहने जैसी बातें कही हैं। जिसे लेकर दाखिल परिवाद में आरोप है कि इस प्रकार का बयान उत्तर भारत की महिलाओं का अपमान करने, उनकी गरिमा को ठेस पहुंचाने तथा क्षेत्रीय वैमनस्य पैदा करने की मंशा से दिया गया है। उन्होंने कहा कि बयान सुनकर उन्हें गहरा मानसिक आघात पहुंचा है और वे स्वयं को अपमानित महसूस कर रहे हैं। 


सुधीर ओझा का कहना है कि इससे पहले भी डीएमके नेताओं द्वारा सनातन धर्म को लेकर विवादित बयान दिए जा चुके हैं। आरोप लगाया गया है कि विधान सभा चुनाव को ध्यान में रखकर जानबूझकर ऐसे बयान दिए जा रहे हैं ताकि राजनीतिक लाभ लिया जा सके। 


जिसे लेकर दयानिधि मारन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 74, 75, 79, 192, 298, 352 और 251(2) के तहत कानूनी कार्रवाई की मांग की है। कोर्ट ने परिवाद स्वीकार करते हुए मामले को सुनवाई की अगली तिथि 22 जनवरी को दी है।

रिपोर्टिंग
M

रिपोर्टर

MANOJ KUMAR

FirstBihar संवाददाता

संबंधित खबरें