ब्रेकिंग
चिराग पासवान उत्तर प्रदेश में लायेंगे पंडित-पासी-पासवान फार्मूला, कहा- बिहार में तिवारी जी की हत्या कर दी गई, यूपी के चुनाव में इस मामले को उठायेंगेबिहार में मोटरवाहन टैक्स बढ़ा, दोपहिया वाहनों पर अब 9 से 13 फीसदी तक लगेगा कर; अधिसूचना जारीEOU का बड़ा एक्शन: भ्रष्टाचार के मामले में बैंककर्मी को झारखंड से किया गिरफ्तार, नोटबंदी के दौरान किया था बड़ा खेललालू प्रसाद को अस्पताल से मिली छुट्टी, तबीयत बिगड़ने के बाद IGIMS में हुए थे भर्तीIGIMS में भर्ती लालू प्रसाद यादव की अब कैसी है तबीयत? मीसा भारती ने दिया ताजा अपडेटचिराग पासवान उत्तर प्रदेश में लायेंगे पंडित-पासी-पासवान फार्मूला, कहा- बिहार में तिवारी जी की हत्या कर दी गई, यूपी के चुनाव में इस मामले को उठायेंगेबिहार में मोटरवाहन टैक्स बढ़ा, दोपहिया वाहनों पर अब 9 से 13 फीसदी तक लगेगा कर; अधिसूचना जारीEOU का बड़ा एक्शन: भ्रष्टाचार के मामले में बैंककर्मी को झारखंड से किया गिरफ्तार, नोटबंदी के दौरान किया था बड़ा खेललालू प्रसाद को अस्पताल से मिली छुट्टी, तबीयत बिगड़ने के बाद IGIMS में हुए थे भर्तीIGIMS में भर्ती लालू प्रसाद यादव की अब कैसी है तबीयत? मीसा भारती ने दिया ताजा अपडेट

Bihar News : सड़क दुर्घटना में टॉप पर पटना, पढ़िए बिहार के अन्य जिलों की क्या है स्थिति ?

PATNA : बिहार पुलिस के तरफ से पिछले सात महीनों में सड़क दुर्घटना में शिकार हुए लोगों की लिस्ट जारी की गई है। इस लिस्ट में बिहार के सभी जिलों को शामिल किया गया है। ऐसे में इस रिपोर्ट

Bihar News : सड़क दुर्घटना में टॉप पर पटना, पढ़िए बिहार के अन्य जिलों की क्या है स्थिति ?
Tejpratap
Tejpratap
3 मिनट

PATNA : बिहार पुलिस के तरफ से पिछले सात महीनों में सड़क दुर्घटना में शिकार हुए लोगों की लिस्ट जारी की गई है। इस लिस्ट में बिहार के सभी जिलों को शामिल किया गया है। ऐसे में इस रिपोर्ट में जो सबसे अधिक गौर करने वाली बात है वह यह है कि इस लिस्ट में राजधानी पटना पहले नंबर पर है। इसके बाद दूसरे नंबर पर मुजफ्फरपुर बना हुआ है। 


दरअसल, बिहार में पिछले सात माह में सर्वाधिक 636 सड़क दुर्घटनाएं पटना में और सबसे कम 39 शिवहर में दर्ज किए गए हैं। इन सात महीने में राज्य का कोई भी जिला सड़क दुर्घटना से अछूता नहीं रहा है। मुजफ्फरपुर सड़क हादसे के मामले में राज्य में दूसरे स्थान पर है। पुलिस मुख्यालय के अनुसार राज्य के सभी छोटे-बड़े 40 पुलिस जिलों में सड़क हादसे के मामले दर्ज किए गए हैं। इस दौरान 1 जनवरी से 31 जुलाई के बीच राज्य में 6,456 मामले दर्ज किए गए हैं।


जानकारी के अनुसार बिहार में 80 प्रतिशत सड़क दुर्घटनाएं मानवीय गलती से होती है, जबकि 72 प्रतिशत मामले ओवर स्पीडिंग की वजह से है। जानकारी के अनुसार अपर पुलिस महानिदेशक, यातायात सुधांशु कुमार ने सभी जिलों में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए त्वरित कार्रवाई करने, जागरूकता बढ़ाने, यातायात नियमों का पालन करने और संकेतकों के इस्तेमाल किए जाने पर जोर दिया है।


बताया जा रहा है कि पिछले सात माह में राज्य के 11 जिलों में सड़क दुर्घटना के मामले एक सौ से कम हुए। इन जिलों में बक्सर, जहानाबाद, अरवल, शिवहर, बेतिया, बगहा (पुलिस जिला), किशनगंज, नवगछिया, मुंगेर, शेखपुरा एवं लखीसराय शामिल है। इनमें बक्सर में 81, जहानाबाद में 74, अरवल में 63, शिवहर में 24, बेतिया में 96, बगहा में 45, किशनगंज में 63, नवगछिया में 87, मुंगेर में 71, शेखपुरा में 46 एवं लखीसराय में 94 सड़क दुर्घटनाएं हुई है। वहीं, 100 से 200 के बीच सड़क दुघटनाएं अन्य जिलों में दर्ज की गयी है, इनमें भभुआ में 122, नवादा में 159, सीतामढ़ी में 111, सीवान में 142, गोपालगंज में 104, दरभंगा में 186, मधुबनी में 185, सहरसा में 105, सुपौल में 132, मधेपुरा में 111सड़क दुर्घटनाएं हुई।


बताते चलें कि,  दो सौ से अधिक सड़क दुर्घटनाएं सिर्फ नौ जिलों में ही हुई है। इन जिलों में मुजफ्फरपुर, नालंदा, भोजपुर, रोहतास, गया,औरंगाबाद, वैशाली, मोतिहारी, सारण और समस्तीपुर शामिल है। इनमें मुजफ्फरपुर में 408, नालंदा में 242, भोजपुर में 219, रोहतास में 256, गया में 280, औरंगाबाद में 207, वैशाली में 243, मोतिहारी में 276, सारण में 337, समस्तीपुर में 230 सड़क दुर्घटनाएं हुई, जिसमें जानमाल की क्षति हुई।