ब्रेकिंग
बूढ़ी गंडक में डूबे तीन किशोर, पांच दोस्त निकले थे नहाने, SDRF और गोताखोरों का सर्च ऑपरेशन जारीमुजफ्फरपुर में अपराधियों का तांडव: बाबा गरीबनाथ धाम जा रहे कांवरिया को मारी गोली, हालत गंभीरदिल्ली मेट्रो में हंगामा: महिला की फोटो लेने के आरोप में CISF जवान सस्पेंडUGC-NET जून 2026: अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र की परीक्षा रद्द, NTA ने जारी किया नया शेड्यूल‘अभी भी कुछ लोग दिमागी नक्सली’, कांग्रेस पर BJP का पलटवार, रविशंकर प्रसाद ने चिदंबरम को घेराबूढ़ी गंडक में डूबे तीन किशोर, पांच दोस्त निकले थे नहाने, SDRF और गोताखोरों का सर्च ऑपरेशन जारीमुजफ्फरपुर में अपराधियों का तांडव: बाबा गरीबनाथ धाम जा रहे कांवरिया को मारी गोली, हालत गंभीरदिल्ली मेट्रो में हंगामा: महिला की फोटो लेने के आरोप में CISF जवान सस्पेंडUGC-NET जून 2026: अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र की परीक्षा रद्द, NTA ने जारी किया नया शेड्यूल‘अभी भी कुछ लोग दिमागी नक्सली’, कांग्रेस पर BJP का पलटवार, रविशंकर प्रसाद ने चिदंबरम को घेरा

बिहार के स्कूलों के विकास के लिए केंद्र से 1120 करोड़ रुपये की मांग, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने धर्मेंद्र प्रधान से की मुलाकात

बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात कर विद्यालयी शिक्षा को सुदृढ़ बनाने के लिए 1120 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता और विशेष बजट आवंटित करने का अनुरोध किया।

दिल्ली न्यूज
शिक्षा मंत्री ने बिहार के लिए विशेष बजट आवंटित करने का किया आग्रह
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

NEW DELHI: प्रदेश के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात कर राज्य में विद्यालयी शिक्षा के सुदृढ़ीकरण एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के विस्तार के लिए 1120 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। केंद्रीय मंत्री ने इस दिशा में सकारात्मक रुख अपनाते हुए शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया। पदभार ग्रहण करने के बाद शिक्षा मंत्री की प्रधान से यह दूसरी मुलाकात थी।


इस दौरान शिक्षा मंत्री ने प्रधान को बताया कि राज्य सरकार के सात निश्चय-3 (2025-30) ‘उन्नत शिक्षा-उज्ज्वल भविष्य’ कार्यक्रम तथा समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत कई महत्वपूर्ण योजनाएं प्रस्तावित हैं। इनमें जीविका के सहयोग से 542 सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) के विद्यार्थियों के लिए विशेष यूनिफॉर्म की व्यवस्था, व्यावसायिक शिक्षा के तहत 1068 विद्यालयों में प्रयोगशालाओं की स्थापना, 2577 आईसीटी लैब तथा 2522 स्मार्ट क्लास का विस्तार शामिल है।


उन्होंने प्रधान के समक्ष समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अल्पसंख्यक समुदाय के विद्यार्थियों के लिए उपचारात्मक शिक्षण कार्यक्रम, बालिकाओं के लिए रोबोटिक लर्निंग एवं कोडिंग गतिविधियां, पारंपरिक कला आधारित उद्यमिता प्रशिक्षण, प्रारंभिक कक्षाओं के बच्चों के लिए ‘खेल पिटारा’ किट तथा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में जेंडर एवं इक्विटी से संबंधित सुविधाओं के विस्तार का प्रस्ताव भी रखा।


मिथिलेश तिवारी ने कहा कि बिहार में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, विद्यार्थियों को आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने, डिजिटल संसाधनों का विस्तार करने तथा सभी बच्चों तक समान अवसर पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार का सहयोग आवश्यक है। उन्होंने बिहार के लिए विशेष बजट के आवंटन का आग्रह करते हुए कहा कि इससे विद्यालयी शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाने में मदद मिलेगी।


केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने सभी प्रस्तावों को ध्यानपूर्वक सुना और बिहार को वित्तीय सहायता मुहैया कराने की दिशा में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने बिहार में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के विस्तार के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों की सराहना की। 


शिक्षा मंत्री तिवारी ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रस्तावित योजनाओं के क्रियान्वयन से राज्य के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षण वातावरण, आधुनिक तकनीक आधारित सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अधिक अवसर प्राप्त होंगे। इससे राज्य के शिक्षा क्षेत्र में सकारात्मक व दूरगामी बदलाव आएगा।