1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Fri, 28 Nov 2025 08:45:33 AM IST
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Bihar Politics: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में कांग्रेस को मिली करारी हार को लेकर पार्टी ने गुरुवार को नई दिल्ली में समीक्षा बैठक की। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 61 उम्मीदवारों के साथ अलग-अलग समूहों में चर्चा कर उनकी रिपोर्ट ली। अधिकांश उम्मीदवारों ने हार का ठीकरा महागठबंधन के मुख्यमंत्री उम्मीदवार तेजस्वी यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) पर फोड़ा और कहा कि राजद से गठबंधन ही कांग्रेस की शर्मनाक हार की वजह बनी।
सूत्रों के अनुसार, कई उम्मीदवारों ने बैठक में तर्क दिया कि राजद के साथ गठबंधन के कारण कांग्रेस को चुनावी नुकसान उठाना पड़ा। उनका मानना था कि यदि कांग्रेस अकेले चुनाव लड़ती तो नतीजे कहीं बेहतर हो सकते थे। कई नेताओं ने बिहार में राजद से गठबंधन खत्म कर भविष्य में अकेले चुनाव लड़ने की मांग भी रखी।
अररिया से विजयी कांग्रेस विधायक अबिदुर रहमान ने बैठक के बाद कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने चुनाव से पहले महिलाओं को 10-10 हजार रुपये देकर बड़ा चुनावी प्रभाव बनाया, जिससे एनडीए को फायदा मिला। उन्होंने यह भी कहा कि गठबंधन में सीट बंटवारे में देरी और करीब एक दर्जन सीटों पर 'फ्रेंडली फाइट' ने जनता के बीच गलत संदेश दिया। रहमान के अनुसार भाजपा और AIMIM ने चुनाव को हिंदू-मुस्लिम मुद्दे में बदलने की कोशिश की, जिसका असर नतीजों में दिखा।
समीक्षा बैठक के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष और राहुल गांधी ने उम्मीदवारों से 10-10 के समूह में बातचीत की। दिलचस्प बात यह रही कि बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरु को कई दौर की बातचीत से अलग रखा गया। कई मौकों पर संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल को भी बाहर जाने के लिए कहा गया, ताकि उम्मीदवार अपनी बात खुलकर रख सकें।
रिव्यू मीटिंग के बाद कटिहार से कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने बताया कि पहली बार इतने विस्तार से चुनावी नतीजों पर चर्चा हुई है। खरगे और राहुल ने प्रत्याशियों की बात गंभीरता से सुनी और अब बिहार के लिए नया रोडमैप तैयार किया जाएगा। अनवर ने उम्मीद जताई कि पार्टी समय रहते सुधारात्मक कदम उठाएगी।
इसी बैठक के दौरान इंदिरा भवन में एक अप्रिय घटना भी हुई, जब वैशाली के उम्मीदवार इंजीनियर संजीव और पूर्णिया के प्रत्याशी जितेंद्र यादव के बीच गाली-गलौज और विवाद हो गया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि संजीव ने जितेंद्र को गोली मारने की धमकी तक दे दी। बाद में वरिष्ठ नेताओं ने हस्तक्षेप कर दोनों को शांत कराया। यह घटना राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के पहुंचने से पहले की बताई जा रही है।