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नीतीश सरकार पर भड़के मजदूर के पिता, कहा-17 दिन से सोई हुई थी सरकार..उनको मेरी कब्र मिल जाए ताकि वो हमेशा के लिए सोए रहे

ARRAH: उत्तरकाशी के टनल में फंसे 41 मजदूरों को 17 वें दिन मौत के मुंह से निकाल लिया गया। इन 41 मजदूरों को दोबारा जिन्दगी मिली है। इन मजदूरों में 5 बिहार के रहने वाले हैं और 15

 नीतीश सरकार पर भड़के मजदूर के पिता, कहा-17 दिन से सोई हुई थी सरकार..उनको मेरी कब्र मिल जाए ताकि वो हमेशा के लिए सोए रहे
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

ARRAH: उत्तरकाशी के टनल में फंसे 41 मजदूरों को 17 वें दिन मौत के मुंह से निकाल लिया गया। इन 41 मजदूरों को दोबारा जिन्दगी मिली है। इन मजदूरों में 5 बिहार के रहने वाले हैं और 15 झारखंड के निवासी है। बिहार के भोजपुर जिले के सबाह अहमद भी सुरंग में फंसे हुए थे। सबाह के सुरंग से निकलने की सूचना मिलते ही परिजनों में खुशी की लहर दौड़ गयी। परिजनों के आंखों से खुशी का आंसू निकलने लगे। सबाह अहमद के पिता मिस्बाह अहमद ने इस रेस्क्यू ऑपरेशन को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तराखंड के सीएम की जमकर तारीफ की। 


वही मिस्बाह अहमद ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश को जमकर कोसा। उन्होंने कहा कि मेरा बेटा 17 दिन से सुरंग में फंसा था लेकिन सरकार के तरफ से बेटे की सुध लेने तक कोई नहीं पहुंचा। उन्होंने कहा कि सभी गहरी नींद में सोये हुए थे। सबाह अहमद के पिता ने आगे कहा कि उनको मेरी कब्र मिल जाए ताकि वो हमेशा के लिए सोए रहे। 


बिहार की नीतीश सरकार पर हमला बोलते हुए भोजपुर के मजदूर सबाह अहमद के पिता मिस्बाह अहमद ने कहा कि बिहार में सरकार यदि नौकरी देती तो लोग दूसरे प्रदेशों में मजदूरी करने के लिए क्यों जाते? बिहार में नौकरी हासिल नहीं हुई तभी मजबूरीवश बेटे को उत्तराखंड जाना पड़ गया। बेटा 17 दिन तक सुरंग में फसा रहा लेकिन नीतीश सरकार ने सुध तक नहीं ली।


 मेरा बेटा सुरक्षित सुरंग से बाहर निकल आया है इससे बड़ी खुशी और क्या हो सकती है। पूरा परिवार काफी खुश है। बहू सीबा खातून, 7 साल का पोता मुकर्रम जाहिदी, 3 साल की पोती फातिमा और 2 साल का पोता अर्श भी सबाह अहमद से मिलने के लिए काफी उत्साहित हैं। सभी उनके घर लौटने का इंतजार कर रहे है। 


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Jitendra Vidyarthi

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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