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फेर में फंस गये कांग्रेस विधायक दल के नेता अजीत शर्मा: कोरोना जांच में सरकारी और निजी लैब ने अलग-अलग दी रिपोर्ट, CM को लिखा पत्र

BHAGALPUR : बिहार में कोरोना जांच में हो रही गडबडी के शिकार कांग्रेस विधायक दल अजीत शर्मा बन गये. अजीत शर्मा और उनकी पत्नी ने भागलपुर में अपना कोविड टेस्ट कराया था. लेकिन सरकारी औऱ

फेर में फंस गये कांग्रेस विधायक दल के नेता अजीत शर्मा: कोरोना जांच में सरकारी और निजी लैब ने अलग-अलग दी रिपोर्ट, CM को लिखा पत्र
Santosh Singh
4 मिनट

BHAGALPUR : बिहार में कोरोना जांच में हो रही गडबडी के शिकार कांग्रेस विधायक दल अजीत शर्मा बन गये. अजीत शर्मा और उनकी पत्नी ने भागलपुर में अपना कोविड टेस्ट कराया था. लेकिन सरकारी औऱ निजी जांच घर ने कोरोना जांच की अलग अलग रिपोर्ट दे दी. एक ने निगेटिव करार दिया तो दूसरे ने पॉजिटिव. विधायक जी पेशोपेश में पडे हैं कि होम आइसोलेशन में रहें या बाहर निकलें. नाराज विधायक ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखा है.

विधायक जी फेरे में फंसे

दरअसल विधायक अजीत शर्मा औऱ उनकी पत्नी विभा शर्मा को मुंबई जाना था. महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई आने वाले बाहरी लोगों को अपने साथ कोरोना की टेस्ट रिपोर्ट लेकर आने को कहा है. ये रिपोर्ट तीन दिन से ज्यादा पुरानी नहीं होनी चाहिये. लिहाजा विधायक औऱ उनकी पत्नी ने अपनी जांच करायी औऱ उसमें जो रिपोर्ट आयी उससे वे फेरे में फंस गये हैं.

अलग-अलग लैब में अलग-अलग रिपोर्ट

विधायक अजीत शर्मा ने बताया कि 24 मई वे अपनी पत्नी के साथ भागलपुर सदर अस्पताल गये औऱ वहां दोनों ने एंटीजेन टेस्ट कराया. एंटीजेन टेस्ट में दोनों को निगेटिव पाया गया. लेकिन मुंबई जाने वालों से आरटीपीसीआर टेस्ट की रिपोर्ट मांगी जाती है. लिहाजा दोनों अगले दिन मायागंज सरकारी अस्पताल पहुंचे औऱ आरटीपीसीआर टेस्ट के लिए सैंपल दिया. 

विधायक ने बताया कि 26 मई को मायागंज अस्पताल ने उनकी औऱ पत्नी की आरटीपीसीआर रिपोर्ट दी. उस रिपोर्ट में विधायक अजीत शर्मा की रिपोर्ट को इंडेमिनेंट औऱ पत्नी को कोरोना प़ॉजिटिव करार दिया गया. इंडिमिनेंट का मतलब होता है कि ये तय नहीं है कि व्यक्ति पॉजिटिव है या निगेटिव. भागलपुर के सबसे बडे अस्पताल से आयी रिपोर्ट ने विधायक को फेरे में डाल दिया. विधायक या उनकी पत्नी में कोरोना का कोई लक्षण नहीं था.

निजी लैब में कराया तो निगेटिव पाये

कोरोना का कोई लक्षण नहीं होने के कारण विधायक अजीत शर्मा ने निजी लैब में फिर से आरटीपीसीआर टेस्ट कराने का फैसला लिया. अजीत शर्मा औऱ उनकी पत्नी ने पैथकाइंड लैब में जांच के लिए सैंपल दिया. 27 मई को पैथकाइंड लैब ने दोनों की रिपोर्ट दी औऱ दोनों को निगेटिव बताया गया. 

नाराज विधायक ने सीएम को पत्र लिखा

कोरोना जांच में हो रहे खेल से नाराज विधायक ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखा है. उन्होंने कहा है कि इस बात की जांच होनी चाहिये कि एक ही व्यक्ति की जांच रिपोर्ट दो अलग अलग लैब से अलग अलग क्यों आयी. लोग किसकी रिपोर्ट को सही मानें. जब विधायक के साथ ऐसा हो सकता है तो आम लोगो का क्या होगा.

लैब संचालकों के अपने अपने दावे

उधर मायागंज अस्पताल के अधीक्षक डॉ असीम कुमार दास ने कहा कि उनके अस्पताल की जांच रिपोर्ट सही है. उन्होंने कहा कि एंटीजेन टेस्ट की रिपोर्ट की पुष्टि करने के लिए आरटीपीसीआर जांच करायी जाती है. कभी कभी मशीन किसी सैंपल को सही से रीड नहीं कर पाता है तो रिपोर्ट को इनडिटमिनेंट बता दिया जाता है. ये तकनीकी खराब होती है. लेकिन जिन्हें पॉजिटिव बताया जाता है वे वाकई पॉजिटिव होते है. उधर पैथ काइंड लैब के संचालक रजनीश कुमार ने कहा कि उनकी रिपोर्ट के गलत होने का कोई सवाल ही नहीं उठता.

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