PATNA : बिहार उपचुनाव में मिली करारी हार से जेडीयू को झटका लगा है. जदयू ने अपनी हार स्वीकार की है. प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह की ओर से हार पर एक बड़ा बयान सामने आया है. प्रदेश अध्यक्ष ने उम्मीदवारों के चयन को लेकर पार्टी की ओर से हुई बड़ी गलती स्वीकार की. उन्होंने कार्यकर्ताओं पर बोलते हुए कहा कि उनकी ओर से उदासीनता देखी गई.
अजय सिंह को टिकट देना जेडीयू की बड़ी भूल
सीवान के दरौंदा विधानसभा सीट पर बाहुबली अजय सिंह को टिकट देना जेडीयू की बड़ी भूल है. इस सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार कर्णजीत सिंह ऊर्फ व्यास सिंह ने बाजी मारी है. कर्णजीत सिंह ऊर्फ व्यास सिंह ने 51207 वोट हासिल किया. जबकि जदयू उम्मीदवार अजय कुमार सिंह को 23895 और राजद उम्मीदवार उमेश सिंह को 20891 वोटें हासिल हुईं. दरौंदा सीट पर जेडीयू की ओर से कड़ी मेहनत की गई थी. दरौंदा सीट को लेकर रिपोर्टर के सवाल पर जवाब देते हुए वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि "पार्टी रिपोर्ट ले रही है. समीक्षा की जा रही है. कैंडिडेट के चयन और कार्यकर्ताओं में उदासीनता रही है. इसी बात की समीक्षा की जा रही है."
हार गई जेडीयू की प्रतिष्ठा, एक सीट से करना पड़ा संतोष
विधानसभा के तीन सीटों पर हार का सामना करने वाली जेडीयू को मात्र एक सीट पर जीत से संतोष करना पड़ा. नाथनगर में लक्ष्मीकांत मंडल और राजद की राबिया खातून के बीच कड़ा मुकाबला जेडीयू उम्मीदवार ने जीत हासिल किया. जबकि सीवान की दरौंदा सीट जेडीयू की प्रतिष्ठा मानी जा रही थी. लेकिन सीवान की सांसद कविता सिंह के पति की हार ने सबको हैरान किया. जेडीयू ने यहां सबसे ज्यादा मेहनत की लेकिन फिर भी पार्टी को इस सीट पर निराशा हाथ लगी.
जेनरल इलेक्शन में अच्छे नतीजे आएंगे
जेडीयू प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि उपचुनाव में नतीजे खराब आते हैं. जेनरल इलेक्शन में अच्छे नतीजे आएंगे. पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करेगी. पार्टी की ओर से हर की समीक्षा की जा रही है.


