ब्रेकिंग
सीवान SP पूरन कुमार झा की बहन सपना झा बनीं SDO, BPSC में 201वीं रैंक हासिल कर तीसरे प्रयास में पाई सफलताभरत तिवारी एनकाउंटर मामला पहुंचा मानवाधिकार आयोग, निष्पक्ष जांच की उठी मांगNEET UG 2026 री-एग्जाम से पहले बिहार में EOU अलर्ट, 135 संदिग्धों पर कड़ी नजर; सोशल मीडिया की निगरानी तेज‘भरत तिवारी के परिजनों से जाकर माफी मांगें मुख्यमंत्री’, सीएम सम्राट चौधरी को तेजस्वी यादव की नसीहतBPSC 70वीं परीक्षा का फाइनल रिजल्ट जारी, इतने अभ्यर्थी हुए सलेक्ट; श्रद्धा पांडेय बनीं टॉपरसीवान SP पूरन कुमार झा की बहन सपना झा बनीं SDO, BPSC में 201वीं रैंक हासिल कर तीसरे प्रयास में पाई सफलताभरत तिवारी एनकाउंटर मामला पहुंचा मानवाधिकार आयोग, निष्पक्ष जांच की उठी मांगNEET UG 2026 री-एग्जाम से पहले बिहार में EOU अलर्ट, 135 संदिग्धों पर कड़ी नजर; सोशल मीडिया की निगरानी तेज‘भरत तिवारी के परिजनों से जाकर माफी मांगें मुख्यमंत्री’, सीएम सम्राट चौधरी को तेजस्वी यादव की नसीहतBPSC 70वीं परीक्षा का फाइनल रिजल्ट जारी, इतने अभ्यर्थी हुए सलेक्ट; श्रद्धा पांडेय बनीं टॉपर

Bihar Politics: असिस्टेंट प्रोफेसर बनेंगे बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी, पॉलिटिकल साइंस में SC कैटेगरी में हुआ चयन

Bihar Politics: बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए चयनित हुए हैं. पॉलिटिकल साइंस विषय में SC कैटेगरी से उनका चयन हुआ है. ज्वाइन करने पर मंत्री पद छोड़ना पड़ सकता है.

Bihar Politics:
© google
Mukesh Srivastava
2 मिनट

Bihar Politics: बिहार सरकार में ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी अब असिस्टेंट प्रोफेसर बनेंगे। उन्होंने पॉलिटिकल साइंस विषय में एससी (SC) कैटेगरी से चयनित होकर मेरिट सूची में स्थान पाया है। बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग ने इंटरव्यू के बाद फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है।


दरअसल, बिहार में असिस्टेंट प्रोफेसर की बहाली की प्रक्रिया वर्ष 2020 में शुरू हुई थी। राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग ने बिहार के विभिन्न विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में रिक्त पदों को भरने के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे। चार साल बाद अब इसका अंतिम परिणाम जारी हुआ है।


अशोक चौधरी वर्तमान में 58 वर्ष के हैं और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी माने जाते हैं। अब सवाल यह उठता है कि वे असिस्टेंट प्रोफेसर की भूमिका निभाएंगे या नहीं। यदि वह इस पद को ज्वाइन नहीं करते हैं, तो यह सीट पुनः रिक्त मानी जाएगी और आगे की बहाली प्रक्रिया में शामिल की जाएगी। अगर अशोक चौधरी इस पद को स्वीकार करते हैं, तो उन्हें राज्य सरकार की सेवा से इस्तीफा देना पड़ सकता है या फिर विशेष अनुमति लेनी पड़ सकती है।

रिपोर्टिंग
F

रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता