Anant Singh News: मोकामा के विधायक अनंत सिंह को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। देश की सर्वोच्च अदालत ने उनकी जमानत रद्द करते हुए 1 दिसंबर तक सरेंडर करने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने दुलारचंद यादव के पोते नीरज कुमार की याचिका पर सुनवाई करते हुए पटना हाईकोर्ट से मिली अनंत सिंह की जमानत को निरस्त कर दिया। इस फैसले के बाद नीरज कुमार का पुराना बयान एक बार फिर चर्चा में आ गया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि जब तक अनंत सिंह को फांसी नहीं हो जाती, वह चैन से नहीं बैठेंगे।
दरअसल, दुलारचंद यादव को जनसुराज का समर्थक माना जाता था। उनकी हत्या के बाद अनंत सिंह की गिरफ्तारी हुई थी। उस समय दुलारचंद यादव के पोते नीरज कुमार ने कहा था कि जब तक हत्या के सभी पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर उन्हें मौत की सजा नहीं मिल जाती, तब तक परिवार ब्रह्मभोज नहीं करेगा। नीरज ने यह बयान 30 अक्टूबर को दुलारचंद यादव की हत्या के बाद दिया था।
नीरज कुमार की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर में अनंत सिंह समेत चार अन्य लोगों के नाम शामिल थे। नीरज ने आरोप लगाया था कि उनके दादा की हत्या विरोधियों ने प्रशासन की मदद से की थी। उन्होंने मांग की थी कि इस हत्याकांड में शामिल सभी पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए।
नीरज कुमार ने अनंत सिंह पर अपने दादा को गोली मारने का गंभीर आरोप भी लगाया था। उनका दावा था कि उन्होंने पूरी घटना अपनी आंखों से देखी थी और अनंत सिंह ने खुद उनके दादा को गोली मारी थी। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा था कि गोली सीने के बजाय पैर में कैसे लगी, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है।
नीरज के मुताबिक, घटना के समय वह अपने दादा की गाड़ी में नहीं, बल्कि पीछे चल रही दूसरी गाड़ी में थे। घटना के बाद कुछ लोगों ने उन्हें दुलारचंद यादव के पास जाने से रोक दिया था। उन्होंने पुलिस पर भी अनंत सिंह की मदद करने और उन्हें बचाने का आरोप लगाया था।
नीरज कुमार ने दावा किया था कि हत्या से करीब 15 दिन पहले उनके दादा को धमकी मिली थी। उनके अनुसार, अनंत सिंह ने फोन कर चुनाव प्रचार से पीछे नहीं हटने पर जान से मारने की धमकी दी थी। नीरज ने आरोप लगाया था कि घटना के दौरान अनंत सिंह के दो-तीन लोगों ने उनके काफिले को रोका और दुलारचंद यादव को गाड़ी से खींचकर बाहर निकाला था।
उस समय नीरज कुमार ने कहा था कि जब तक अनंत सिंह को फांसी नहीं हो जाती, वह चैन से नहीं बैठेंगे। अब सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनंत सिंह की जमानत रद्द किए जाने के बाद उनका यह पुराना बयान फिर सुर्खियों में है।





