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कई संगठनों ने दिया धरना, 2 अक्टूबर को आनंद मोहन को रिहा करने की मांग

PATNA: गर्दनीबाग में जेल में बंद पूर्व सांसद आनंद मोहन की रिहाई को लेकर न्याय मंच ने महाधरना दिया. महाधरना में कई सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एवं सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए

FirstBihar
Manish Kumar
2 मिनट

PATNA: गर्दनीबाग में जेल में बंद पूर्व सांसद आनंद मोहन की रिहाई को लेकर न्याय मंच ने महाधरना दिया. महाधरना में कई सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एवं सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए. 

धरना में शामिल लोगों ने राज्य सरकार से आनंद मोहन को गांधी जयंती पर रिहा करने की मांग करते हुए कहा कि आनंद मोहन की सजा लगभग पूरी हो चुकी है. 2007 में ही आनंद मोहन को आजीवन कारावास की सजा मिली थी. उसके पहले भी कई महीने वह इसी केस में जेल में बीता चुके हैं.

महाधरना का नेतृत्व न्याय मंच के संयोजक मनोज लाल दास ने कहा कि मंच का स्पष्ट मानना है की समाजवादी विचारधारा के मानने वाले गांधी, लोहिया, जेपी के सिद्धांतों पर चलने वाले विधायक और सांसद रह चुके आनंद मोहन जिस केस में आज सजा काट रहे हैं उसमें वह निर्दोष हैं, लेकिन न्यायलय ने उन्हें जो सजा दिया उसको स्वीकार कर उन्होंने न्यायपालिका के निर्देश का सम्मान किया. आजीवन कारावास की सीमा 14  साल की होती है और जेल मैन्युअल में प्राप्त छुटों को अगर जोड़ दिया जाए तो उनकी सजा कब की पूरी हो चुकी है. मोहन ने आज तक ना तो कभी पैरोल लिया ना ही जेल के नियमों के खिलाफ कोई कार्य किया. राज्यपाल और सीएम को ज्ञापन दे कर गांधी की पावन जयंती के अवसर पर उन्हें रिहा करने की मांग की है.