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2024 में प्रधानमंत्री तो मोदी ही बनेंगे लेकिन बीच में हो जाएगा बड़ा खेल ! किसान नेता ने योगी को दी सेंट्रल कैबिनेट में जगह; जानिए क्या है पूरा मामला

DESK : 2024 में चुनाव कौन जीतेगा। मोदी के मुकाबले में कहां कोई है। लेकिन खेल तो बीच में शुरू होगा। जब चुनाव हो जाएगा, रिजल्ट घोषित हो जाएगा और बतौर पीएम नरेंद्र मोदी कुर्सी

2024 में प्रधानमंत्री तो मोदी ही बनेंगे लेकिन बीच में हो जाएगा बड़ा खेल ! किसान नेता ने योगी को दी सेंट्रल कैबिनेट में जगह; जानिए क्या है पूरा मामला
Tejpratap
Tejpratap
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DESK : 2024 में चुनाव कौन जीतेगा। मोदी के मुकाबले में कहां कोई है। लेकिन खेल तो बीच में शुरू होगा। जब चुनाव हो जाएगा, रिजल्ट घोषित हो जाएगा   और बतौर पीएम नरेंद्र मोदी कुर्सी पर बैठ जाएंगे उसके कुछ दिनों के बाद यह कुर्सी खाली होगी और उस कुर्सी पर अमित शाह बैठेंगे और गृह मंत्री का पद यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दिया जाएगा। इसके बाद  नरेंद्र मोदी राष्ट्रपति बनेंगे। यह बातें किसान नेता राकेश टिकैत ने कही है।


दरअसल, मेरठ पहुंचे भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश  ने आगामी लोकसभा चुनाव की चर्चा करते हुए कहा कि -देश में एक बार फिर से नरेंद्र मोदी की सरकार तो बनेगी लेकिन बीच में खेल होगा और पीएम मोदी हटकर राष्ट्रपति बनेंगे। राकेश टिकैत  ने कहा कि - अभी ही मौका है सब एक हो जाए नहीं तो मारे जाएंगे। इसके अलावा असदुद्दीन ओवैसी पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि - हैदराबादी बड़ी बीमारी है, बी नहीं अब सी टीम आ गई है।


वहीं, किसान नेता के इस बयान के बाद कई तरह की चर्चा शुरू हो गई है। लोगों द्वारा यह पूछा जाना शुरू कर दिया गया है कि- क्या सच में भाजपा ऐसा कोई प्लान कर रही है ? क्योंकि, किसान नेता यूं ही नहीं कुछ कहते है। उन्हें कहीं ना कहीं से कोई ना कोई संकेत तो जरूर मिला होगा। तभी उन्होंने ऐसी बातें कही है।


उधर,  इसको लेकर राजनीतिक जानकारों से  संपर्क किया जाता है तो उनका कहना है कि भाजपा में अमूमन 75 साल के बाद किसी नेता के सक्रिय चुनाव नहीं लड़ने की एक परंपरा बनी हुई है। जो चीज राकेश टिकैत  के तरफ से कहीं जा रही है उसमें कुछ सच्चाई तो जरूर है। लेकिन पूरी सच्चाई नहीं है। मतलब ऐसा हो सकता है कि, चुनाव जीतने के कुछ महीनों के बाद नरेंद्र मोदी पीएम पद से इस्तीफा दे सकते हैं। लेकिन,  उसके बाद इस पद पर अमित शाह बैठेंगे यह कहां जाना उचित नहीं होगा। क्योंकि अभी भी बीजेपी के अंदर उनसे अधिक भरोसेमंद और राजनीतिक दिग्गज मौजूद है। ऐसे में इतनी जल्द शाह को इतना बड़ा पद पार्टी उन्हें नहीं सौंप सकती है।


इसके अलावा बात की जाए यदि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तो फिलहाल केंद्र इनको दिल्ली नहीं बुलाने जा रही है। क्योंकि उनके शासनकाल में यूपी में काफी बदलाव हुआ है ऐसा भाजपा को लगता है और यहां की जनता भी कहत है । लिहाजा अभी पार्टी को इनकी जरूरत यूपी के अंदर ही है। इसलिए किसान नेता के  तरफ से जो बातें कहीं जा रही है उसमें योगी आदित्यनाथ को लेकर सच्चाई नहीं नजर आती है।


बहरहाल, अब देखना यह है कि आगामी चार-पांच महीना के बाद जब लोकसभा का चुनाव होगा और जब परिणाम घोषित किए जाएंगे तो क्या वापस से देशमें भाजपा की सरकार बनती है?  यदि सरकार बनती है तो क्या कैबिनेट गठन में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा ? या फिर राकेश टिकैत ने जो बीच में कैबिनेट के रिसफलिंग की बातें कही है उसमें कोई बड़ी सच्चाई छुपी हुई है? या  फिर बस यूं ही हवा हवाई बातें कह कर राकेश टिकट ने एक नई राजनीतिक सगूफा छोड़ी है।