PATNA : बिहार के सभी जिला मुख्यालयों में समान काम और समान वेतन को लेकर TET पास नियोजित शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के बैनर तले 15 सूत्री मांगों को लेकर पूरे राज्य में आक्रोश मार्च निकाला गया. इस आक्रोश मार्च के दौरान सड़क पर उतरे शिक्षक सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते दिखें.
इस मार्च के दौरान शिक्षकों ने सरकार के रवैये के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया. 18 जुलाई पटना में कार्यक्रम के दौरान हुए लाठीचार्ज की घोर निंदा की. लाठीचार्ज के बाद से शिक्षा मंत्री की ओर से वार्ता की पेशकश को शिक्षकों ने उनकी घड़ियाली आंसू करार दिया. शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री को नसीहत देते हुए कहा कि उनको नियोजित शिक्षकों को इतनी ही परवाह है तो बयानबाजी करने के बदले बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के अध्यक्ष मण्डल के सदस्यों से वार्ता करें. समान काम और समान वेतन की मांग के साथ -साथ समान सेवाशर्त, नवप्रशिक्षित शिक्षकों के ग्रेड पे में 2.57 से गुना कर वेतन निर्धारण करने और अंतर जिला स्थानांतरण सहित कुल 15 सूत्री मांगों को लेकर मार्च का आयोजन किया गया.
समिति के अध्यक्ष मण्डल सदस्य मार्कण्डेय पाठक और प्रदीप कुमार पप्पू ने कहा कि बिहार सरकार अगर नियोजित शिक्षकों के मांगो पर अविलंब फैसला नही लेती है तो आने वाले समय में आंदोलन को और तेज किया जायेगा. जिससे बिहार की शिक्षा व्यवस्था पर भी काफी प्रभाव पड़ सकता है. उन्होंने कहा कि सूबे के सभी शिक्षक अनिश्चित कालीन हड़ताल पर भी जा सकते है. जिसकी सारी जवाबदेही बिहार सरकार की होगी.
नियोजित शिक्षकों का चरणबद्ध आन्दोलन शुरू, राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में निकाला प्रतिरोध मार्च
PATNA : बिहार के सभी जिला मुख्यालयों में समान काम और समान वेतन को लेकर TET पास नियोजित शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के बैनर तले

