JAMUI: नए ट्रैफिक नियमों के चलते आम और खास सभी तरह के लोग परेशान हैं. जाहिर हैं लोगों को अपनी जेबें ढीली करनी पड़ रही है और पहले के मुकाबले दोगुना जुर्माना भरना पड़ रहा है. नए ट्रैफिक नियम के लागू होने के बाद अब अधिकारी भी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे और उन्हें भी नियमों को तोड़ने के एवज में जुर्माना भरना पड़ रहा है.
मामला जमुई का है जहां बड़े रौब से शहर के बीडीओ और एसडीपीओ साहब बिना सीट बेल्ट बांधे ही दफ्तर की ओर चले थे. उन्हें पता था कि खुद तो अधिकारी हैं ही भला उन्हें ट्रैफिक नियमों से क्या लेना देना. लेकिन शायद इन्हीं अधिकारियों की तलाश में डीटीओ साहब भी बैठे थे. नए नियमों के तहत सघन वाहन चेकिंग अभियान चला रहे परिवहन पदाधिकारी की नजर इन अधिकारियों पर पड़ी. बस क्या था डीटीओ साहब ने दोनों अधिकारियों की गाड़ी रुकवाकर दोनों के खिलाफ चालान काट दिया और जुर्माने की रसीद थमा दी.
जुर्माने की रसीद मिलते ही अधिकारियों को यह पता चल गया कि उन्होंने ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन किया है. आखिरकार थक हार कर अधिकारियों ने जुर्माना देना ही सही समझा और डीटीओ साहब को फाइन दिया. इस दौरान कई अधिकारियों को गाड़ी में सीट बेल्ट नहीं बांधने के आरोप में जुर्माना किया गया. जुर्माने के तौर पर इन अधिकारियों से 45 हजार की राशि की वसूली की गई.
जमुई से गौतम की रिपोर्ट
BDO और SDPO साहब को सीट बेल्ट नहीं लगाना पड़ा महंगा, DTO ने काटा चालान, भरना पड़ा जुर्माना
JAMUI: नए ट्रैफिक नियमों के चलते आम और खास सभी तरह के लोग परेशान हैं. जाहिर हैं लोगों को अपनी जेबें ढीली करनी पड़ रही है और पहले के मुकाबले दोगुना जुर्माना भरना पड़ रहा है. नए ट्रैफिक

