DARBHANGA: पिछले दिनों ही दरभंगा के डीटीओ राजीव कुमार ने सिस्टम में खामियों का तर्क देकर अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. इस खबर के बाद लोगों में भी यह चर्चा आम थी कि कैसे एक इमानदार डीटीओ सिस्टम की बलि चढ़ गया. लेकिन पड़ताल के बाद जो मामला सामने आया है वो चौंकानेवाला है.
इस मामले की जांच के बाद जो बातें सामने आई हैं वो हैरान करने वाली है. दरअसल डीटीओ साहब जिस भवन में रह रहे थे उसकी हालत ठीक नहीं थी. इस मामले में उन्होंने भवन निर्माण के इंजीनियर से कई बार मकान को मरम्मत करने का आग्रह किया था. लेकिन आग्रह के बाद भी मकान की मरम्मति नहीं करायी जा सकी थी.
इस मामले में बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी के खिलाफ इंजीनियर ने उनके साथ अभद्रता करने की शिकायत जिलाधिकारी से की थी. बताया जा रहा है कि डीटीओ राजीव कुमार ने भवन निर्माण के इंजीनियर की गाड़ी को उनके आवास से जब्त कर थाने में लगवा दिया था. इस शिकायत के बाद खुद जिलाधिकारी ने मामले की जांच की थी. जिसकी रिपोर्ट 23 जुलाई को पेश कर दी गई थी. दरअसल इसी रिपोर्ट के आधार पर होने वाली कार्रवाई से बचने की खातिर राजीव कुमार ने पहले ही इस्तीफा दे दिया. हालांकि डीएम की इस रिपोर्ट के आधार पर राजीव कुमार को निलंबित कर दिया गया है.
इस मामले में सामान्य प्रशासन विभाग ने अपना संकल्प जारी किया है. इस आदेश में विभाग ने कहा है कि दरभंगा के भवन निर्माण विभाग के इंजीनियर से अभद्रता करने के मामले में डीएम की रिपोर्ट पर उन्हें निलंबित किया गया है.
दरभंगा डीटीओ का भ्रष्टाचार, आत्म सम्मान तो बहाना था, असली मकसद तो खुद को कार्रवाई से बचाना था
DARBHANGA: पिछले दिनों ही दरभंगा के डीटीओ राजीव कुमार ने सिस्टम में खामियों का तर्क देकर अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. इस खबर के बाद लोगों में भी यह चर्चा आम थी कि कैसे एक इमानदार डी

