DESK: झारखंड में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं. बीजेपी के विजय रथ को रोकने के लिए विपक्ष गोलबंद हो रहा है. रघवुर सरकार को सत्ता से बेदखल करने के लिए महागठबंधन का फॉर्मूला सेट होता दिख रहा है.
इसी क्रम में JVM प्रमुख बाबूलाल मरांडी और JMM के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने धनबाद के सर्किट हाउस में बंद कमरे में तकरीबन 35 मिनट तक गुफ्तगू की. कयास लगाये जा रहे हैं कि दोनों नेताओं के बीच गठबंधन को लेकर बातचीत हुई है.
दरअसल JMM के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन बदलाव यात्रा पर हैं, हेमंत सोरेन बुधवार की रात धनबाद सर्किट हाउस में ठहरे थे. जबकि JVM प्रमुख बाबूलाल मरांडी धनबाद कोर्ट में एक मामले में पेश होने के लिए बुधवार की रात सर्किट हाउस पहुंचे. जब बाबूलाल और हेमंत को आज सुबह यह जानकारी मिली कि दोनों एक ही सर्किट हाउस में ठहरे हुए तो दोनों नेता मिलने से खुद को रोक नहीं पाए. हेमंत सोरेन अपने कमरे से निकलकर बाबूलाल के कमरे में पहुंचे. दोनों नेताओं ने एक-दूसरे के साथ चाय पर चर्चा की. फिर समर्थकों को बाहर निकलने का इशारा किया.
जिसके बाद बंद कमरे के अंदर दोनों नेताओं ने अकेले एक-दूसरे से करीब 35 मिनट तक गुफ्तगू की. मुलाकात के बाद बाबूलाल मरांडी ने मुस्कुराते हुए कहा-'जब दो राजनीतिक लोग मिलते हैं तो राजनीति की बातें होती ही हैं.' उन्होंने कहा कि राज्य के वर्तमान हालात पर चर्चा हुई है. मरांडी ने JVM महासचिव बंधु तिर्की की गिरफ्तारी पर बीजेपी सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि 'बीजेपी सरकार विपक्ष पर दबाव बनाने के लिए ऐसी कार्रवाई करा रही है. इस गिरफ्तारी के माध्यम से सरकार एक भय का माहौल बना रही है. सभी दलों को मिलकर इससे निपटने की कोशिश करनी होगी.'
झारखंड में BJP के विजय रथ को रोकने के लिए महागठबंधन की कवायद तेज, बाबूलाल मरांडी और हेमंत सोरेन ने बंद कमरे में की गुफ्तगू
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