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तिरंगा अपमान मामले में ADM पर गिर सकती है गाज, आरोप साबित हुआ तो तीन साल की हो सकती है जेल

PATNA : पटना में शिक्षक अभ्यर्थियों के ऊपर लाठीचार्ज के दौरान तिरंगे का अपमान करने वाले एडीएम केके सिंह की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। इस मामले को लेकर जिस तरह बवाल मचा हुआ है।&nb

तिरंगा अपमान मामले में ADM पर गिर सकती है गाज, आरोप साबित हुआ तो तीन साल की हो सकती है जेल
Jitendra Vidyarthi
4 मिनट

PATNA : पटना में शिक्षक अभ्यर्थियों के ऊपर लाठीचार्ज के दौरान तिरंगे का अपमान करने वाले एडीएम केके सिंह की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। इस मामले को लेकर जिस तरह बवाल मचा हुआ है। 


उसके बाद एडीएम के ऊपर लगे आरोपों की जांच कराई जा सकती है। पटना जिला प्रशासन इसे लेकर गंभीर है और अगर आरोप सही साबित हुआ तो एडीएम केके सिंह को 3 साल की जेल और साथ ही साथ से जुर्माना भी देना पड़ सकता है। हम पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता दानिश रिजवान ने सरकार से इस मामले पर कार्रवाई करने की मांग की है।


राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम 1971 के मुताबिक तिरंगे का अपमान सार्वजनिक स्थल पर किए जाने के मामले में आरोप साबित होने पर 3 साल की जेल या फिर जुर्माना या फिर कारावास के साथ-साथ जुर्माना दोनों देना पड़ सकता है। ऐसे में अगर एडीएम के के सिंह के ऊपर आरोप साबित होता है तो उनकी मुश्किले बढ़ जाएंगी। इस मामले में जल्द से जल्द जिला प्रशासन अपनी रिपोर्ट दे सकता है सरकार भी इस मामले को लेकर गंभीर है।


दानिश रिजवान ने कहा कि शिक्षक अभ्यर्थियों के साथ आज जो भी घटना घटी है इस मामले की उच्च स्तरीय जांच करायी जाए। जब सरकार ने 20 लाख नौकरियां देने की घोषणा कर दी है तब किन लोगों के बहकावे में आकर छात्रों ने प्रदर्शन किया उन्हें चिन्हित किया जाए साथ ही जिस मजिस्ट्रेट ने युवाओं की पिटाई की उन पर भी कार्रवाई की जानी चाहिए।


वही उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने पटना डीएम से फोन पर बातचीत की। DM ने पटना Central SP और DDC के नेतृत्व में एक जाँच कमेटी का गठन किया। यह पूछा कि ADM ने अभ्यर्थियों पर खुद लाठीचार्ज क्यों किया? ऐसी क्या नौबत थी? तेजस्वी ने कहा कि दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी पर कारवाई होगी।


बता दें कि पटना में तैनात एक एडीएम की गुंडागर्दी वाली तस्वीरें सामने आई। राजधानी में सड़क पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे शिक्षक अभ्यर्थियों के ऊपर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और इस दौरान मजिस्ट्रेट के तौर पर तैनात पटना के एडीएम के के सिंह की गुंडागर्दी देखने को मिली। एक प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी के हाथ में तिरंगा होने के बावजूद केके सिंह ने हाथ में डंडा लेकर उस पर लाठी बरसाई। सीधे-सीधे तिरंगे को निशाना बनाकर अभ्यर्थी के हाथ पर केके सिंह हमला करते रहे, लगातार दर्जनों बार तिरंगे पर लाठी से प्रहार किया। तिरंगे का अपमान वहां खड़े पुलिस और प्रशासन के दूसरे लोग भी देख रहे थे। 


तिरंगे के सम्मान को लेकर प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी ने झंडा अपने हाथ से नीचे नहीं गिरने दिया लेकिन एडीएम के के सिंह नहीं रुके। वे तब तक लाठी बरसाते रहें जब तक अभ्यर्थी लहूलुहान नहीं हो गया। अभ्यर्थी ने जब इस सब के बावजूद भी तिरंगा हाथ से नहीं छोड़ा तो वहां खड़े पुलिस के एक दूसरे जवान को तिरंगे का अपमान नहीं देखा गया और उसने अभ्यर्थी के हाथ से तिरंगा ले लिया लेकिन एडीएम केके सिंह को इसके बावजूद भी शर्म नहीं आई। 


तिरंगे के ऊपर लाठी बरसाने वाले एडीएम केके सिंह इस दौरान मीडिया से भी उलझ गए। मीडिया ने तिरंगे के अपमान को लेकर जब केके सिंह से सवाल पूछना शुरू किया तो एडीएम वहां से निकल भागे। 


दरअसल, सातवें चरण की शिक्षक नियोजन प्रक्रिया में CTET और BTET के अभ्यर्थियों को शामिल नहीं किए जाने पर सैकड़ों की संख्या में CTET और BTET अभ्यर्थी पटना के डाकबंगला चौराहा पर प्रदर्शन कर रहे थे, इसी दौरान पटना के एडीएम केके सिंह अपना आपा खो बैठे और हाथ में तिरंगा लिए अभ्यर्थी पर लाठी बरसाना शुरू कर दिया। लाठीचार्ज के दौरान तिरंगे का अपमान करने वाले एडीएम केके सिंह की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

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