1st Bihar Published by: First Bihar Updated Oct 18, 2023, 1:36:16 PM
- फ़ोटो
PATNA : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राजधानी पटना के बापू सभागार में चौथे कृषि मैप का शुभारंभ किया। इस कृषि रोड मैप में 12 विभागों को रखा गया है। इसमें रोड मैप की अवधि 2028 तक होगी। कृषि रौड मैप के लिए 1 लाख 62 हजार करोड़ रू पास किया गया है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम नीतीश ने बिहार के राज्यपाल से कहा कि - राज्यपाल महोदय तो इधर-उधर घूमते ही रहते हैं राजपाल महोदय को भी कहेंगे जो कृषि रोड मैप है।आपसे भी आग्रह करेंगे जगह-जगह जाकर के कृषि रोड मैप का काम हो रहा है कि नहीं महामहिम राज्यपाल महोदय आप देखिएगा कोई दिक्कत होगा तो आप विभाग को बता दीजिएगा। उसके बाद राज्यपाल ने कहा कि - हम यही चाहते हैं कि यहां का किसान राजा बने।
राज्यपाल अर्लेकर ने नीतीश सरकार को सलाह देते हुए कहा कि - जब तक किसान जागरूक नहीं होंगे, किसानों तक बात नहीं पहुंचेगी तो सारी योजना कागज पर ही रह जायेगी। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम को आम लोगों तक पहुंचाने की जरूरत है। किसानों तक नहीं पहुंचेगा तो फिर यह कागजों पर रह जाएगा। हमारे प्रधानमंत्री हमेशा कहते हैं कृषक की आय दो गुणी होनी चाहिए। इस पर भी हमको ध्यान देने की आवश्यकता है।
राज्यपाल ने कहा कि- आय दुगनी कैसे होगी इसके लिए हमारी फसल योजना में नई तकनीक सीखने की आवश्यकता है। हमारे किसान भाइयों को पता चलेगा की नई तकनीक अपनाने के बाद हम अपनी आय को दुगुनी कर सकते हैं। लागत को कम और उत्पादन को बढ़ाने की जरूरत है, तभी हमारी आय बढ़ सकती है।
राज्यपाल ने हिमाचल प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि- हिमाचल में प्राकृतिक खेती को लेकर किसान काफी उत्सुक हैं। वहां के 2 लाख किसान भाई प्राकृतिक खेती से जुड़े हुए हैं। पूसा राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय इस पर अध्ययन कर रहा है। वे चाहते हैं कि यह विषय सभी किसान भाइयों तक पहुंचे। हम सबको प्राकृतिक खेती को समझने की जरूरत है। अगर हमने प्राकृतिक खेती को रोड मैप में जोड़ दिया तो यहां के किसान भाई भी किसी से काम नहीं रहेंगे। मेरा आग्रह है मुख्यमंत्री से और यहां के अधिकारियों से कि इस विषय को समझें। इस विषय को जह हम सभी किसान भाइयों तक पहुंचाएंगे, जो भी आवश्यकता है उसे पूरी करेंगे तब किसान उन्नत होंगे। यह कृषि रोड मैप जो बन रहा है यह किसानों के हित में है। ऐसा समझ कर चलना है। किसान यहां का राजा बने यही हमारी इच्छा है।