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संसद सदस्यता रद्द होने के बाद राहुल गांधी ने खाली किया सरकारी बंगला, खुद गेट लॉक कर चाबी अफसर को सौंपी

DESK: राहुल गांधी की संसद सदस्यता जाने के बाद आज उन्हें सरकारी बंगला खाली करना पड़ा। राहुल गांधी ने आज तुगलक रोड लेन स्थित सरकारी बंगले को खाली कर दिया है। राहुल गांधी ने खुद

संसद सदस्यता रद्द होने के बाद राहुल गांधी ने खाली किया सरकारी बंगला, खुद गेट लॉक कर चाबी अफसर को सौंपी
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

DESK: राहुल गांधी की संसद सदस्यता जाने के बाद आज उन्हें सरकारी बंगला खाली करना पड़ा। राहुल गांधी ने आज तुगलक रोड लेन स्थित सरकारी बंगले को खाली कर दिया है। राहुल गांधी ने खुद गेट को लॉक किया और चाबी लोकसभा सचिवालय के अधिकारी को सौंपी। 


इस दौरान उनकी मां सोनिया गांधी और बहन प्रियंका गांधी भी साथ थी। राहुल गांधी ने अफसर से पहले हाथ मिलाया फिर चाबी सौंपी। अधिकारी को चाबी देने के बाद राहुल गांधी मॉं सोनिया गांधी के सरकारी आवास 10 जनपथ के लिए रवाना हो गये। बताया जा रहा है कि राहुल गांधी अभी मां के साथ 10 जनपथ स्थित सरकारी आवास में रहेंगे। 


बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 2013 के एक फैसले में कहा था कि अगर कोई भी सांसद या विधायक निचली अदालत में दोषी पाया गया तो वह संसद या विधानसभा की सदस्यता के लिए अयोग्य होगा। इसी नियम के तहत राहुल गांधी की संसद सदस्यता रद्द हुई। जिसके बाद उन्होंने अपने सरकारी बंगले को खाली कर दिया और चाबी लोकसभा के अधिकारी के हाथों में सौंपकर तुगलक रोड से 10 जनपथ स्थित मां के घर रहने के लिए चले गये। 


तुगलक रोड स्थित बंगला को छोड़ने के बाद राहुल गांधी ने मीडिया से बातचीत की। राहुल गांधी ने कहा कि 2004 में अमेठी से सांसद बनने के बाद 2005 में यह बंगला उन्हें मिला था। देश की जनता के आशीर्वाद से 19 साल तक इस घर में रहा। इसके लिए देश की जनता को धन्यवाद देना हूं। राहुल गांधी आगे कहते हैं कि उन्हें सच बोलने की कीमत चुकानी पड़ी है। वे अब भी सच ही बोलेंगे। सच बोलने के लिए कोई भी कीमत चुकाने के लिए वे तैयार हैं। 


वही उनकी बहन प्रियंका गांधी ने कहा कि मेरे भाई राहुल गांधी ने जो कुछ बताया वो बिल्कुल सही है। जब से उन्होंने सरकार की सच्चाई सबके सामने लाई तब से उनके साथ यह सब हो रहा है। लेकिन मुझे मालूम हैं कि मेरा भाई काफी हिम्मतदार हैं, वे किसी से डरने वाले नहीं है और ना ही हम किसी से डरेंगे। बिना डरे हम अपना संघर्ष जारी रखेंगे। एक ना एक दिन जीत सच्चाई की ही होगी।