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आरसीपी सिंह का जवाब: जब कोई लक्ष्मणरेखा क्रॉस करेगा तब मैं तो रामचंद्र हूं जी..फैसला तो लेना पड़ेगा

PATNA: जेडीयू के आरोपों पर पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह ने जवाब देते हुए कहा कि जेडीयू पार्टी को मुझसे ज्यादा कौन जान सकता है कौन क्या

आरसीपी सिंह का जवाब: जब कोई लक्ष्मणरेखा क्रॉस करेगा तब मैं तो रामचंद्र हूं जी..फैसला तो लेना पड़ेगा
Jitendra Vidyarthi
7 मिनट

PATNA: जेडीयू के आरोपों पर पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह ने जवाब देते हुए कहा कि जेडीयू पार्टी को मुझसे ज्यादा कौन जान सकता है कौन क्या बोलता है उससे फर्क नहीं पड़ता है। मुझे जो फैसला लेना था वो ले लिया। राजनीति में कही तो जाना ही है। लेकिन मेरा मानना है कि कुछ भी सहने की एक सीमा होती है। जब लक्ष्मणरेखा क्रॉस किजिएगा तब मैं तो रामचंद्र हूं जी निर्णय तो लेना पड़ेगा। 


पटना में जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि आरसीपी कह रहे हैं कि जेडीयू डूबता हुआ जहाज है। लेकिन हम आरसीपी सिंह को यह बता देना चाहते हैं कि जेडीयू डूबता हुआ नहीं दौड़ता हुआ जहाज है। हां, ये बात सही है कि कुछ लोग जहाज में छेद करके उसे डूबाना चाहते थे। हम नीतीश कुमार को धन्यवाद देना चाहते हैं कि उन्होंने जहाज में छेद करने वालों को समय पर पहचान लिया। वैसे भी अगर जहाज डूबता है तो सबसे पहले कौन भागता है-चूहा। ललन सिंह के इस बयान पर पलटवार करते हुए आरसीपी सिंह ने फिर कहा कि ललन सिंह को शायद मालूम नहीं कि जहाज दौड़ता नहीं, पानी में तैरता है। 


आरसीपी सिंह ने कहा कि हमने पार्टी को बूथ स्तर तक पहुंचा। लेकिन पार्टी के बाहर के लोगों को टिकट दिया गया इसलिए जेडीयू की चुनाव में हार हुई। उन्होंने यह भी बताया कि नीतीश कुमार ने मुझे मंत्री बनने के लिए कहा था। जब से केंद्र का मंत्री बना लोगों के किस तरह के बयान होते रहे मैंने कुछ नहीं कहा। टिकट नहीं दिया गया तब भी चुप रहे। घर से रातों रात निकाल दिया तब भी नहीं बोले। अब तो हम अपने गांव में आकर रह रहे हैं। अब संपत्ति अर्जित करने की बात कह रहे हैं। कुछ भी सहने की एक सीमा होती है। जब लक्ष्मणरेखा क्रॉस किजिएगा तब मैं तो रामचंद्र हूं जी निर्णय तो लेना पड़ेगा। 


 शनिवार को आरसीपी सिंह के नीतीश कुमार पर तीखे हमले से बौखलायी जेडीयू आज जवाब देने उतरी थी। आनन फानन में पटना पहुंचे ललन सिंह ने एयरपोर्ट से सीधे पार्टी ऑफिस आकर प्रेस कांफ्रेंस किया। ललन सिंह बोले- आरसीपी सिंह का तन जेडीयू में था लेकिन मन कहीं और था. 2020 में जैसे चिराग मॉडल के सहारे षड़यंत्र रचकर नीतीश जी को डैमेज किया गया था, वैसे ही आरसीपी सिंह के सहारे फिर षडयंत्र रचा जा रहा था. उसे समय पर पहचान लिया गया, षडयंत्र फेल कर दिया गया। 


ललन सिंह ने कहा मैंने पहले कहा है कि 2020 के विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार के साथ षडयंत्र हुआ था. एक मॉडल इस्तेमाल हुआ था चिराग मॉडल. अब फिर से नीतीश कुमार के खिलाफ षड़यंत्र के लिए दूसरा मॉडल तैयार किया जा रहा था. नीतीश कुमार ने समय पर उस षड़यंत्र को पहचान लिया. इसलिए उसे फेल कर दिया गया. ललन सिंह बोले- सारे षड़यंत्र का सारा प्रमाण है, कहां से हुआ और कैसे-कैसे हुआ. ये सब मालूम है. समय आयेगा तो हम सब को बतायेंगे। 


RCP संघर्ष नहीं सत्ता के साथी

ललन सिंह बोले-आऱसीपी सिंह कह रहे हैं कि जेडीयू डूबता हुआ जहाज है. आरसीपी सिंह को क्या मालूम है जेडीयू के बारे में. उन्होंने क्या मालूम है समता पार्टी के बारे में. वे ABCD भी नहीं जानते. आरसीपी सिंह कभी संघर्ष के साथ नहीं रहे. वे सत्ता के साथी रहे. 2005 में वे नीतीश कुमार के सेक्रेट्री बनकर सीएम हाउस में आय़े थे. वहां से वे राजनीति में आये. 2009 में वे लोकसभा का चुनाव लड़ना चाहते थे।


नीतीश जी ने टिकट नहीं. फिर आरसीपी सिंह ने कहा कि 2010 में राज्यसभा में जायेंगे. नीतीश जी ने उन्हें राज्यसभा भेजा. कौन जानता था आरसीपी सिंह को. नीतीश कुमार ने आरसीपी सिंह की पहचान बनायी. लंबे समय तक भरोसा किया. आरसीपी कह रहे हैं कि हम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने थे. वे अध्यक्ष बने नहीं थे उन्हें नीतीश कुमार ने अध्यक्ष बनाया था. पार्टी तो नीतीश कुमार की है, आरसीपी को केयर टेकर बनाया गया था.  लेकिन आरसीपी ने धोखा दिया।


जहाज में छेद करना चाहते थे

ललन सिंह बोले- आरसीपी कह रहे हैं कि जेडीयू डूबता हुआ जहाज है. जेडीयू डूबता हुआ नहीं दौड़ता हुआ जहाज है. हां, ये बात सही है कि कुछ लोग जहाज में छेद करके उसे डूबाना चाहते थे. हम नीतीश कुमार को धन्यवाद देना चाहते हैं कि उन्होंने जहाज में छेद करने वालों को समय पर पहचान लिया. वैसे भी अगर जहाज डूबता है तो सबसे पहले कौन भागता है-चूहा।


आरसीपी ने पार्टी का नाश किया

ललन सिंह ने कहा कि आरसीपी सिंह वैसे लोग हैं कि जहां दौरे पर जाना होता था वहां एक दिन पहले माला भिजवा देते थे. फिर अगले दिन वहां जाकर माला पहन लेते थे. जब वे पार्टी चला रहे थे तो वफादार औऱ समर्पित कार्यकर्ता हाशिये पर पहुंचा दिये गये थे. वे सब निकल गये थे. अब सब जोश में आकर पार्टी का काम कर रहे हैं. ललन सिंह बोले-आरसीपी सिंह कहते थे कि उन्होंने बूथ लेवल पर कार्यकर्ताओं की फौज खडी कर दी है. 1 मार्च 2020 को उन्होंने बूथ लेवल के लोगों को पटना में बुलाया था. आप सबों को याद होगा कि उन्होंने उस सम्मेलन को लेकर क्या क्या दावा किया था. कितने लाख लोगों के आने का दावा किया गया था. सब को पता है कि कितने लोग आये। 


नीतीश के भूंजा खाने पर आपत्ति है

ललन सिंह ने कहा कि आरसीपी बोल रहे हैं कि नीतीश भूंजा खाने में समय बीता रहे हैं. आपको नीतीश कुमार के भूंजा खाने पर भी आपत्ति है. नीतीश जी भूंजा खाते हैं और काम नहीं करते तो जो काम हुआ वह आप करा दिये. बिहार में जितना काम हुआ वह दुनिया देख रही है. क्या सब काम आरसीपी सिंह करा रहे थे. असल बात ये है कि सत्ता हाथ से चली गयी तो बौखलाये हैं। 


प्रदेश अध्यक्ष ने नोटिस भेजकर सही किया

पत्रकारों ने सवाल पूछा कि जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे नेता को प्रदेश अध्यक्ष से नोटिस भिजवाया जाता है. उनके बच्चों को विवाद में घसीटा जाता है. क्या ये सही है. ललन सिंह ने कहा-प्रदेश अध्यक्ष ने नोटिस भेजकर सही किया. प्रदेश अध्यक्ष नोटिस देने के लिए सक्षम है. हमको तो मालूम भी नहीं था कि आरसीपी सिंह को कोई नोटिस भेजा गया है. प्रदेश अध्यक्ष को पार्टी के कार्यकर्ताओं ने शिकायत की और उन्होंने पूछा तो आपत्ति की क्या बात है।