1st Bihar Published by: Updated Thu, 21 Oct 2021 12:15:11 PM IST
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PATNA : बिहार विधान सभा भवन के शताब्दी समारोह के मौके पर आज राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बिहार के गौरवशाली इतिहास की खूब चर्चा की है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बिहार और उसके इतिहास की चर्चा करते हुए अपने आप को भावनात्मक रूप से बिहार के साथ जुड़ा हुआ बताया है। राष्ट्रपति ने कहा है कि जब कोई मुझे बिहारी कह कर बुलाता है तो मैं खुद को गौरवान्वित महसूस करता हूं। देश के पहले राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद बिहार के थे और अगर मैं राजेंद्र बाबू की विरासत को आगे बढ़ा रहा हूं, तो इससे ज्यादा गर्व की बात मेरे लिए कुछ और नहीं हो सकती।
विधानसभा शताब्दी समारोह के मौके पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बिहार के इतिहास के साथ-साथ बिहार के महापुरुषों को भी खूब याद किया। उन्होंने राजेंद्र प्रसाद से लेकर अनुग्रह नारायण सिंह, श्री कृष्ण सिंह, सच्चिदानंद सिन्हा समेत अन्य विभूतियों और देश के लिए उनके योगदान की खूब चर्चा की। राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि बिहार सामाजिक तौर पर काफी समानता वाला है राज्य के अंदर समतामूलक समाज के निर्माण के लिए हमेशा प्रयास होते रहे हैं।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बिहार के लिए नीतीश कुमार के योगदान को भी खूब सराहा उन्होंने कहा कि एक राज्यपाल के तौर पर मुझे उनका भरपूर सहयोग मिला। इतना ही नहीं राष्ट्रपति के तौर पर भी उनका पूरा सहयोग मुझे अब तक मिल रहा है। बिहार में सबसे लंबे अरसे तक के मुख्यमंत्री के तौर पर काम कर नीतीश कुमार ने एक कीर्तिमान स्थापित किया है। देश में लगातार विकास के पैरामीटर पर बिहार का जीडीपी ग्रोथ यह बता रहा है कि राज्य में किस स्तर पर विकास कार्य किए जा रहे हैं। रामनाथ कोविंद ने छठी मैया को नमन करते हुए कहा कि बिहार की सांस्कृतिक विरासत भी काफी धनी रही है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने विधान सभा के सदस्यों और विधान परिषद के सदस्यों से अपील की कि वह बिहार के गौरव को बनाए रखने के लिए अपने आचरण से लगातार बेहतर योगदान करें।