पटना में STF ने कुख्यात नक्सली गुड्डू शर्मा को दबोचा, जहानाबाद जेल ब्रेक कांड में था शामिल

1st Bihar Published by: Updated Thu, 01 Apr 2021 01:48:19 PM IST

पटना में STF ने कुख्यात नक्सली गुड्डू शर्मा को दबोचा, जहानाबाद जेल ब्रेक कांड में था शामिल

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PATNA : राजधानी पटना में एसटीएफ की टीम को एक बड़ी कामयाबी मिली है. एसटीएफ की टीम ने लगभग देश दशक पहले हुए चर्चित जहानाबाद जेल ब्रेक कांड में शामिल कुख्यात नक्सली गुड्डू शर्मा उर्फ नवलेश शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है. कड़ी मशक्कत से एसटीएफ की टीम को इतनी बड़ी कामयाबी मिली है. कुख्यात गुड्डू उर्फ नवलेश शर्मा बिहार के कई जिलों में मोड़ वांटेड अपराधी है. इसके ऊपर आर्म्स एक्ट और यूएपीए एक्ट समेत दर्जनों मामले दर्ज हैं.


बिहार एसटीएफ की स्पेशल टीम ने जहानाबाद जेल ब्रेक कांड में शामिल कुख्यात नक्सली गुड्डू शर्मा उर्फ नवलेश शर्मा को पटना जिले के भगवानगंज थाना क्षेत्र से अरेस्ट किया है. बताया जा रहा है कि गुड्डू शर्मा  जहानाबाद के करौना थाना क्षेत्र के मोकर गांव का रहने वाला है. एसटीएफ के अधिकारियों के अनुसार, नवलेश शर्मा नक्सलियों की बिहार रीजनल कमेटी का सदस्य भी है.


डेढ़ दशक पहले 13 नवंबर 2005 को हुए बिहार के चर्चित जहानाबाद जेल ब्रेक कांड में शामिल रहने के कारण पुलिस को कुख्यात नक्सली गुड्डू शर्मा की कई दिनों से तलाश थी. पुलिस की टीम लगातार इसका लोकेशन ट्रैक कर रही थी. लेकिन ये अब तक पुलिस को चकमा देकर भागता रहा. डेढ़ दशक के एक लंबे अंतराल के बाद आखिरकार पुलिस ने इसे दबोच लिया. पकड़े गए कुख्यात नक्सली गुड्डू शर्मा से अब एसटीएफ की टीम पूछताछ कर रही है. जानकारी मिली है कि पुलिस को कई अहम जानकारियां मिली हैं. 


गौरतलब हो कि 13 नवंबर 2005 की रात करीब 9 बजे एक हजार नक्सलियों ने जहानाबाद जेल पर हमला कर दिया था. रात के अंधेरे में गोलियों की तड़तड़ाहत और बमों के धमाकें से पूरा जहानाबाद थर्रा उठा था. नक्सलियों ने सुरक्षाकर्मी और जेल में बंद कैदी की हत्या तो की ही अजय कानू समेत सैकड़ों कैदियों को छुड़ाकर फरार हो गए थे.


जहानाबाद जेल बेक्र कांड के दौरान नक्सलियों ने जहानाबाद पुलिस लाइन को नक्सलियों ने चारों तरफ से घेरे रखा था ताकि पुलिसकर्मियों को कोई मदद न मिल सके. घटना के समय करीब साढ़े तीन सौ कैदी भाग गए थे. बाद में उन कैदियों को लौटने की मोहलत प्रशासन की तरफ से दी गई. इसके बाद भी 130 कैदी वापस नहीं लौटे. माना जाता है कि कुख्यात नक्सली अजय कानू को छुड़ाने के लिए जहानाबाद जेल बेक्र ऑपरेशन की साजिश रची गई थी.