पटना जंक्शन पर कोरोना विस्फोट, रेलवे के तीन कर्मचारी समेत 14 लोग पॉजिटिव, कल DM भी गए थे स्टेशन

पटना जंक्शन पर कोरोना विस्फोट, रेलवे के तीन कर्मचारी समेत 14 लोग पॉजिटिव, कल DM भी गए थे स्टेशन

PATNA : देश भर में कोरोना की दूसरी लहर बड़ी तेजी से फ़ैल रही है. बिहार में भी संक्रमण की रफ़्तार अब तेज हो गई है. इस वक्त एक बड़ी खबर पटना से सामने आ रही है. पटना जंक्शन पर कोरोना विस्फोट हुआ है. बाहर से आने वाले लगभग एक दर्जन यात्री कोरोना पॉजिटिव मिले हैं. रेलवे के कर्मचारियों के बीच भी कोरोना का संक्रमण फ़ैल गया है. रेलवे कर्मी भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं. बीते दिन बुधवार को पटना के डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने भी पटना जंक्शन का निरीक्षण किया था. 


बिहार में कोरोना के बढ़ते मामलों ने लोगों की परेशानियां बढ़ा दी है. बाहर से आने वाले लोगों के कारण भी संक्रमण तेजी से बढ़ रह रहा है. पटना जंक्शन पर बाहर से आने वाले यात्रियों का कोरोना टेस्ट कराया जा रहा है. पटना स्टेशन पर कुल 14 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं, जिसमें रेलवे के भी तीन कर्मचारी शामिल हैं. यानी कि बाहर से आने वाले लोगों से संक्रमण अब रेलवे के कर्मियों के बीच भी तेजी से फ़ैल रहा है. जानकारी मिली है कि 97 लोगों में से 14 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है.


रेलवे अधिकारियों की ओर से प्रशासन को दी गई जानकारी के मुताबिक मुंबई से पटना और पटना होकर गुजरने वाली कुल ट्रेनें 16 हैं, जो नियमित चलती हैं. रेलवे अधिकारियों ने सभी ट्रेनों की सूची जिला प्रशासन को उपलब्ध करा दी है. गुरुवार की रात कुर्ला से पहली ट्रेन पहुंच रही है, जिसमें से उतरने वाले यात्रियों की जांच की जाएगी. 


गौरतलब हो कि महाराष्ट्र से आने वाली हर ट्रेन में सवार ऐसी यात्री जो पटना और आसपास के रेलवे स्टेशनों पर उतर रहे हैं, उनका कोरोना टेस्ट कराया जा रहा है. जिला प्रशासन ने पटना के चार रेलवे स्टेशनों पर कोरोना जांच के लिए व्यवस्था की है. इसी व्यवस्था को देखने के लिए पटना के डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने बुधवार को पटना जंक्शन का निरीक्षण भी किया था. 



पटना के डीएम डॉ. चंद्रशेखर ने बताया कि होटल पाटलिपुत्र अशोका में 165, मोड़ स्थित राधा स्वामी में 50 बेड, सभी अनुमंडल अस्पताल में 50- 50 बेड कंगन घाट स्थित टूरिस्ट सेंटर में 100 बेड तथा सभी अनुमंडल मुख्यालय में 100- 100 बेड की व्यवस्था की गई है. इसके अलावा मरीजों को भर्ती करने के लिए पीएमसीएच और एनएमसीएच में भी सुरक्षित बेड रखा गया है. उन्होंने बताया कि रेलवे स्टेशन पर जांच के दौरान जिन मरीजों में कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि होगी उसे जिला स्तर पर बनाए गए आइसोलेशन सेंटर में भर्ती कराया जाएगा और  जो मरीज संदिग्ध रहेंगे उन्हें संबंधित अनुमंडल स्तर पर बनाए गए आइसोलेशन सेंटर भेजा जाएगा.


आपको बता दें कि महाराष्ट्र में लगातार बढ़ रहे कोरोना के मामलों की वजह से बिहार के रहनेवाले लोगों को लौटना शुरू हो चुका है. इसके लिए कई विशेष ट्रेनें भी चलाई जा रही हैं. महाराष्ट्र से लोगों को लेकर पहली विशेष ट्रेन 10 अप्रैल को दानापुर जंक्शन पहुंचेगी. दानापुर में सभी यात्रियों की जांच के लिए टीमों का गठन किया गया है. महाराष्ट्र से आने वाले पैसेंजर्स की जांच के लिए 75 मेडिकल टीम तैनात की गई है. ये टीमें पटना और दानापुर जंक्शन पर जांच करेगी. दानापुर में दो बड़े आइसोलेशन सेंटर भी बनाए गए हैं, जहां जांच में पाए गए पॉजिटिव मरीजों को रखने का इंतजाम है.