1st Bihar Published by: FIRST BIHAR EXCLUSIVE Updated Oct 01, 2023, 8:07:11 PM
- फ़ोटो
PATNA: बिहार के करीब 4 लाख नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा देने की खबर फर्जी निकली. एक टीवी चैनल ने लगातार ये खबर चलायी थी कि नीतीश कैबिनेट नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा देने का फैसला लेने जा रही है. डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने आज कहा कि फिलहाल नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा देने पर कोई फैसला नहीं लिया गया है. समय आने पर इस मसले पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार फैसला लेंगे.
क्या बोले तेजस्वी यादव?
तेजस्वी य़ादव ने आज मीडिया से बात करते हुए कहा कि इस मसले पर समय आने पर फैसला लिया जायेगा. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और महागठबंधन की सरकार सबों का ख्याल रखेगी. तेजस्वी ने साफ कर दिया कि फिलहाल राज्य सरकार नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा देने का फैसला नहीं लेने जा रही है.
फर्जी खबर से खुश हो गये थे शिक्षक
बता दें कि पिछले 15 दिनों से एक टीवी चैनल लगातार ये खबर चला रहा था कि बिहार कैबिनेट से नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा देने का फैसला होने जा रहा है. नीतीश कुमार ने जब पिछले सप्ताह कैबिनेट की बैठक मंगलवार की जगह सोमवार को बुलायी थी तो इसे कैबिनेट की विशेष बैठक करार देकर ये कहा गया कि नियोजित शिक्षकों पर फैसला लेने के लिए विशेष बैठक बुलायी गयी है. हालांकि बाद में नीतीश कुमार ने साफ किया कि कैबिनेट की बैठक कोई विशेष बैठक नहीं थी. बल्कि एक दिन पहले इसलिए बैठक हुई क्योंकि तेजस्वी यादव को बाहर जाना था।
दिलचस्प बात ये है कि जब पिछली कैबिनेट में नियोजित शिक्षक पर कोई फैसला नहीं हुआ तो खबर चलायी गयी कि कैबिनेट की अगली बैठक में ये फैसला लिया जायेगा. लेकिन तेजस्वी यादव ने आज इसे खारिज कर दिया.