नाराज RCP सिंह ने जेडीयू से इस्तीफा दिया: नीतीश को ललकारा-शीशे के घर वाले दूसरे के घर पर पत्थर नहीं फेंकते, आपकी चुनौती स्वीकार है

नाराज RCP सिंह ने जेडीयू से इस्तीफा दिया: नीतीश को ललकारा-शीशे के घर वाले दूसरे के घर पर पत्थर नहीं फेंकते, आपकी चुनौती स्वीकार है

PATNA : अवैध संपत्ति अर्जित करने के आरोपों से नाराज RCP सिंह ने आज पार्टी नेतृत्व को जवाब दिया. RCP सिंह ने पार्टी से इस्तीफा देने का एलान करते हुए नीतीश कुमार को चेताया-शीशे के घर में रहने वाले दूसरे के घर पर पत्थर नहीं फेंकते. आप लोगों ने बढिया चुनौती दिया है, मुझे चुनौती स्वीकार है. जेडीयू एक डूबता हुआ जहाज है और उसका अंत निकट है. RCP सिंह ने कहा-नीतीश कुमार प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं लेकिन सात जन्म में नहीं बन पायेंगे।


प्रॉपर्टी पर दिया जवाब

आरसीपी सिंह ने कहा-जालसाजों ने मेरे खिलाफ मीडिया में खबर चलवायी. मेरी बेटियों को घसीटा गया. ये लोग मेरे खिलाफ ईष्या, जलन, डाह से जल रहे थे. मेरे खिलाफ बयानबाजी करते लेकिन मेरी बेटियों का क्या कसूर है. आरसीपी सिंह ने कहा-जिस भी जमीन खरीद की बात की जा रही है वह मेरी बेटियों ने खरीदी है. मेरे पिता शिक्षक थे, उन्होंने अपनी सारी प्रॉपर्टी मेरी दोनों बेटियों के नाम लिख दिया था. मेरी दोनों बेटियां 2010 से इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करती हैं।


मेरी बेटियां काम करती है और पैसा कमाती है तो उसमें उनका क्या कसूर है. जिस पार्टी और नीतीश कुमार के लिए मैंने पूरा जीवन लगा दिया उसने मेरी बेटियों पर इस तरह से कीचड़ उछाला. क्या यही राजनीति है. मेरी बेटी सरकारी सेवा में है और वह हर साल सरकार को ये बताती रही है कि उसके नाम कितनी संपत्ति है. कौन सी बात ढ़की छिपी थी. आरसीपी सिंह ने कहा कि गांवों में जमीन की अदला-बदली होती है. अगर आप अपनी जमीन दूसरे की जमीन से अदला-बदली करते हैं तो भी उसकी रजिस्ट्री करानी होती है. अगर मेरी बेटियों ने अपनी जमीन दूसरे को देकर दूसरे की जमीन अपने नाम रजिस्ट्री करायी तो इसमें कौन सा गुनाह किया।


आरसीपी सिंह ने कहा कि मेरी बेटियों और पत्नी ने गांव की सस्ती जमीन खरीदी तो मुझे जलील किया गया. लोगों को पता है कि जेडीयू के किन लोगों की प्रॉपर्टी पटना, दिल्ली और मुंबई में है. क्या जिस जमीन खरीद की बात कही गयी है , उसकी कीमत पटना-दिल्ली के एक फ्लैट से भी कम है. मलाई खाने वाले लोग मुझ पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा रहे हैं. आरसीपी सिंह ने कहा कि दुनिया के एक आदमी को भी लाइये जो ये कहे कि मैंने किसी की चाय भी पी है. पैसा लेने की बात तो दूर रही. अगर किसी में औकात है तो किसी आदमी को सामने लाये। 


आरसीपी सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार ने ये प्रचारित करवाया कि मैंने चुनावी एफिडेविट में बेटियों की संपत्ति का जिक्र नहीं किया. उन लोगों को जानकारी का अभाव है. चुनाव में उन लोगों की संपत्ति घोषित की जाती है जो आप पर आश्रित होते हैं. अगर मेरी बेटियां मुझ पर आश्रित नहीं हैं तो मैं उनकी संपत्ति की घोषणा कैसे करूंगा. आरसीपी सिंह बोले-केंद्रीय मंत्री पद से हटने के बाद मैं अपने गांव में रह रहा हूं. क्या पूरे देश में कोई आदमी मिलेगा जो केंद्रीय मंत्री पद से हटने के बाद गांव में रहता हो. मेरे गांव में रहने पर भी उनका कलेजा फट रहा है। 


सात जन्म में प्रधानमंत्री नहीं बन पायेंगे नीतीश

आरसीपी सिंह बोले-इन लोगों ने झूठ का पुलिंदा खड़ा कर रखा है. नीतीश कुमार कहते हैं कि हम 16-18 घंटे काम करते हैं. सच ये है कि दिन में 11 बजे ऑफिस आयेंगे और 1 बजे खाना खाने जायेंगे. फिर 5 बजे ऑफिस आय़ेंगे और 6 बजे से  भूंजा पार्टी चलने लगेगा. देश में कौन सीएम होगा जो शाम में तीन घंटे गप करता है. पूरा शासन व्यवस्था चौपट हो गया. कितने साल से जनता दरबार लगता है लेकिन क्या है आज की स्थिति. पत्रकारों ने सवाल पूछा कि नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री बनाने की बात हो रही है. आरसीपी सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार सात जन्म में प्रधानमंत्री नहीं बन पायेंगे.


ईर्ष्या, डाह और जलन

आरसीपी सिंह ने कहा कि मैं कुछ दिनों पहले पार्टी के एक कार्यकर्ता के घर गया था. वहां किसी ने नारा लगा दिया कि मुख्यमंत्री कैसा हो, आरसीपी बाबू जैसा हो. इसके बाद ही ईर्ष्या, डाह औऱ जलन में ऐसी नीच हरकत की गयी. आरसीपी सिंह बोले-नीतीश जी अपने कार्यक्रमों में प्रधानमंत्री बनने के नारे लगवाते हैं. उनकी पार्टी में किसी बोर्ड का अध्यक्ष बन बैठा व्यक्ति विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री पद का दावेदार बन कर घूम रहा था. वह जेडीयू का भाग्य विधाता बन गया है।


आरसीपी सिंह बोले- मैं केंद्र सरकार में मंत्री बन गया तो मुझ पर बीजेपी के करीबी होने का आऱोप लगा रहे हैं. जब जेडीयू के 8-10 सांसद हुआ करते थे उस वक्त अटल जी की सरकार में नीतीश जी को मलाईदार विभागों का मंत्री बनाया जा रहा था तो नीतीश जी बीजेपी के खास नहीं हुए. जब बिहार का मुख्यमंत्री बनने की बात आयी तो उस वक्त भी कम सीट होने के बाद भी नीतीश जी को मुख्यमंत्री बनाया गया था. तब भी बीजेपी ने ही उन्हें सीएम बनाया था. अभी भी जो नीतीश कुमार कम सीटें होने के बाद मुख्यमंत्री बने हैं तो बीजेपी के कारण. तो क्या नीतीश कुमार बीजेपी के खास नहीं है. मेरे उपर बीजेपी का खास होने का आरोप लगाया जा रहा है. 


जेडीयू डूबता हुआ जहाज, इस्तीफे का एलान

आरसीपी सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार ईष्या डाह और जलन के शिकार बन गये थे और उसका कोई इलाज नहीं है. उन्होंने इतनी भी औपचारिकता नहीं निभायी कि ये कह देते कि राज्यसभा में टिकट नहीं देंगे. मेरे उपर 2 टर्म पूरा होने का फार्मूले की बात कही गयी. नीतीश जी खुद बतायें कि वे कितने टर्म से एमएलसी हैं. उनकी पार्टी में गणेश परिक्रमा करने वाले कितने ऐसे नेता हैं जिन्हें दो टर्म से ज्यादा टिकट दिया गया.


आरसीपी सिंह ने कहा कि जेडीयू को मलाई खाने वालों की पार्टी बना दी गयी है. जिन लोगों ने पार्टी के लिए संघर्ष किया, लाठी-गोली खायी वे रोड पर घूम रहे हैं. मलाई वे लोग खा रहे हैं जिनका पार्टी के लिए कोई योगदान नहीं है. आरसीपी सिंह ने कहा-जेडीयू डूबता हुआ जहाज है. मैं पार्टी से इस्तीफा दे रहा हूं. बेइज्जती बर्दाश्त करने की भी सीमा होती है. मुझे उम्मीद है कि पार्टी के कार्यकर्ताओं को भी ये बात समझ में आयेगी. क्या करेंगे वे झोला ढ़ोकर. मलाई तो गणेश परिक्रमा करने वाले लोग खायेंगे. जो पार्टी का विरोध किया, मुख्यमंत्री का उम्मीदवार बनकर घूमा, वह महिमामंडित हो रहा है. कौन लोग मंत्री बनकर क्या-क्या गुल खिला रहे हैं. वे पार्टी के संघर्ष में कहां थे.