1st Bihar Published by: First Bihar Updated Oct 18, 2023, 9:39:20 PM
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MUZAFFARPUR: फर्जी एजेंसी को ठेका दिये जाने के मामले में मुजफ्फरपुर सिविल सर्जन डॉ. उमेश चंद्र शर्मा पर गाज गिरी है। स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई करते हुए उन्हें सस्पेंड कर दिया है। निलंबन अवधि में मुख्यालय स्वास्थ्य विभाग पटना बनाया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें जीवन निर्वहन भत्ता दिया जाएगा।
सरकार के संयुक्त सचिव सुधीर कुमार द्वारा जारी पत्र में बताया गया है कि मुजफ्फरपुर डीएम प्रणव कुमार द्वारा स्वास्थ्य विभाग के अनुमोदन के बिना सफाई और सुरक्षा का निविदा अवैध और फर्जी एजेंसी को सिविल सर्जन डॉ. उमेश चंद्र शर्मा द्वारा दी गई। साथ ही पूर्व में एजेंसी के कार्यों को छिपापर रखा गया। नए सिरे से कार्य को लेकर डीएम से अनुरोध की गई। इसे लेकर उनके कार्य और विभागीय लापरवाही को लेकर उन्हें निलंबित किया गया।
बताया जा रहा है कि मुजफ्फरपुर का सिविल सर्जन कार्यालय लंबे समय से विवादों के घेरे में है। कोविड-19 के दौरान भी फर्जी और अवैध तरीके से मानवबल और नर्सिंग स्टाफ की बहाली का मामला सुर्खियों में था। इसके बाद 27 कर्मचारी अवैध तरीके से बहाल होने का मामला भी सामने आया था।