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करनी सेना के अध्यक्ष ने कहा- बीजेपी MLC नवल यादव की जीभ काट लेंगे, जूते भी मारेंगे, बिहार के नेता महामूर्ख हैं, हम खुद न्याय करेंगे

1st Bihar Published by: Updated Apr 08, 2021, 9:49:44 PM

करनी सेना के अध्यक्ष ने कहा- बीजेपी MLC नवल यादव की जीभ काट लेंगे, जूते भी मारेंगे, बिहार के नेता महामूर्ख हैं, हम खुद न्याय करेंगे

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PATNA : मधुबनी कांड को लेकर बिहार पहुंचे राजपूत करनी सेना के अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने कहा है कि वे बीजेपी के विधान पार्षद नवल किशोर यादव की जीभ काट लेंगे. ऐसे नेता को सरेआम जूते मारेंगे. बिहार के नेता महामूर्ख हैं. मधुबनी कांड का न्याय खुद कर लेंगे. मकराना ने कहा कि शुक्रवार को वे मधुबनी में बता देंगे कि करनी सेना क्या कर सकता है.


नवल यादव की जीभ क्यों काटेंगे मकराना
दरअसल महिपाल सिंह मकराना राजपूतों के संगठन करनी सेना के एक गुट के अध्यक्ष हैं. वे आज मधुबनी हत्याकांड को लेकर पटना पहुंचे. एय़रपोर्ट पर मीडिया ने कहा कि बीजेपी नेता और MLC नवल किशोर यादव ने कहा कि करनी सेना क्या होता है. इसके बाद जो मकराना ने कहा ये उन्हीं के शब्दों में जानिये “नवल किशोर यादव की जीभ काट लेंगे. MLC है, चुनकर नहीं आया है. उसकी औकात नहीं है जनता के बीच में जाने की और चुन कर आने की. MLC है MLC की तरह ही रहे. उसकी औकात नहीं है करनी सेना के बारे में बोलने की.”


MLC को जूते भी मारेंगे
करनी सेना के अध्यक्ष ने कहा कि करनी सेना के बारे में बोलने की औकात नवल किशोर यादव की नहीं है. करनी सेना करनी माता के नाम पर बना है. करनी माता हमारी अराध्य देवी है. औऱ अगर कोई इस बारे में गलत बोलता है तो वे उसे जूते मारेंगे.


बिहार के नेता महामूर्ख हैं
करनी सेना के अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने कहा कि बिहार के नेता महामूर्ख हैं. वे मधुबनी की घटना को छोटी घटना बता रहे हैं. कोई पीड़ित परिवार को देखने नहीं गया है. इतनी बडी घटना हो गयी औऱ बिहार के नेता कुछ कर नहीं रहे हैं. बिहार के ऐसे नेता महामूर्ख हैं. कोई दलित परिवार का आदमी मरा होता तो देश का प्रधानमंत्री भी अंतिम संस्कार के दौरान खड़ा रह कर आंसू बहा रहा होता.


हम खुद न्याय कर देंगे
महिपाल सिंह मकराना ने कहा कि वे हजारों गाडियों के साथ शुक्रवार को मधुबनी जायेंगे. वहां जाकर बताय़ेंगे कि राजपूत समाज क्या कर सकता है.वैसे तो उनका इरादा संवैधानिक तरीके से न्याय लेने का है. लेकिन अगर सरकार नहीं मानी तो राजपूत समाज जानता है कि न्याय कैसे किया जाता है. वे खुद इस मामले का न्याय कर देंगे.