1st Bihar Published by: Updated Sep 27, 2019, 2:06:53 PM
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RANCHI: झारखंड में पारा शिक्षक अपनी समस्याओं को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं. इसको लेकर स्कूलों का भी बहिष्कार कर रांची में कई बार धरना प्रदर्शन किया. स्थापना दिवस में भी जब सीएम के सामने विरोध किया तो पुलिस ने बेरहमी से लाठीचार्ज किया था, लेकिन अब इन शिक्षकों के प्रति सरकार का रूख नरम हो गया. इसका कारण झारखंड में होने वाला विधानसभा का चुनाव है. साल के अंत में होने वाले चुनाव में रघुवर दास कोई रिस्क नहीं लेना चाहते हैं.
नीरा ने कहा- सीएम भी गंभीर
शिक्षा मंत्री नीरा यादव ने कहा कि सरकार पारा शिक्षकों की समस्याओं का स्थाई समाधान करेगी. सीएम रघुवर दास काफी गंभीर हैं. खुद कहा है कि पारा शिक्षकों से सुझाव लेकर जल्द ही उनकी समस्याओं को हल किया जाएगा. नीरा ने कहा कि इससे पहले भी सरकार ने शिक्षकों की कई मांगे मान ली है. सरकार नहीं चाहती की पारा शिक्षक फिर से हड़ताल करें. क्योंकि हड़ताल से बच्चों की पढ़ाई बाधित होती है.
पारा शिक्षकों ने दिया कई सुझाव
एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने कहा है कि टेट पास पारा शिक्षकों को सहायक शिक्षक के पद पर समायोजित करते हुए 9300-34800 का वेतनमान दिया जाए. मोर्चा ने नियमावली बनाने के लिए चार मुख्य सुझाव दिए हैं. यह भी कहा कि अप्रशिक्षित पारा शिक्षक को प्रशिक्षण के लिए 31 मार्च 2020 तक समय दिया जाए.