जातिगत जनगणना पर नीतीश ने फिर BJP को फंसाया: कहा- BJP के कारण नहीं हो रही है सर्वदलीय बैठक

जातिगत जनगणना पर नीतीश ने फिर BJP को फंसाया: कहा- BJP के कारण नहीं हो रही है सर्वदलीय बैठक

PATNA: बीजेपी के कारण सत्ता सुख भोग रहे नीतीश कुमार ने भाजपा को एक बार फिर फंसाया है. नीतीश कुमार ने आज कहा कि भारतीय जनता पार्टी के कारण बिहार में सर्वदलीय बैठक नहीं हो पा रही है. बीजेपी ने अभी तक सर्वदलीय बैठक पर रजामंदी ही नहीं दी है इसलिए बैठक नहीं हो पा रही है।


दरअसल नीतीश कुमार ने केंद्र सरकार द्वारा जातिगत जनगणना की मांग को नकार दिये जाने के बाद एलान किया था कि बिहार में अपने स्तर पर जाति के आधार पर लोगों की गिनती की जायेगी. इसके लिए सर्वदलीय बैठक बुलाकर फैसला लिया जायेगा. तीन महीने पहले ही नीतीश कुमार सर्वदलीय बैठक बुलाने का एलान कर चुके हैं लेकिन अब तक बैठक नहीं हुई।


आज मीडिया ने नीतीश कुमार से पूछा कि जातिगत जनगणना पर सर्वदलीय बैठक का क्या हुआ। नीतीश कुमार बोले-अभी तक सर्वदलीय बैठक को लेकर जो सभी पार्टियों को कहा गया है उसमें बीजेपी की राय नहीं आयी है. बीजेपी की राय आने के बाद सभी दलों की बैठक बुलायी जायेगी. नीतीश कुमार ने कहा कि सभी पार्टियों को कहा गया था और बीजेपी को छोड़ कर बाकी सभी दलों की सहमति आ गयी है. बीजेपी ने कहा है कि वह आपस में बात कर रहे हैं. आपस में बात करके बतायेंगे. उनकी सहमति आने पर बैठक बुलायेंगे।


जातिगत जनगणना पर शुरू से बीजेपी को घेर रहे हैं नीतीश

दरअसल जातिगत जनगणना के मामले पर नीतीश कुमार शुरू से ही बीजेपी को घेर रहे हैं. बीजेपी ने शुरू में ही साफ कर दिया था कि वह 2021 की जनगणना जाति के आधार पर नहीं कराने जा रही है. इसके बाद नीतीश और उनकी पार्टी ने जातिगत जनगणना के लिए मोर्चा खोल दिया. उनकी पार्टी के सांसदों से लेकर दूसरे नेताओं ने बीजेपी के खिलाफ जमकर बयानबाजी की. जेडीयू संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा जैसे नेताओं ने तो बीजेपी के खिलाफ आंदोलन तक का एलान कर दिया.  खुद नीतीश कुमार सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल लेकर प्रधानमंत्री को ज्ञापन देने गये थे।


हालांकि इसी बीच बिहार में दो सीटों पर उपचुनाव आ गया था. नीतीश को पता था कि बीजेपी के सहयोग के बगैर वे उप चुनाव नहीं जीत पायेंगे. ऐसे में जातिगत जनगणना को लेकर जेडीयू नेताओं ने अचानक से चुप्पी साध ली थी. उप चुनाव में जेडीयू की जीत के बाद पार्टी के नेताओं ने धीरे धीरे ही सही फिर से जातिगत जनगणना की राग छेड़ी है।